एएमयू राष्ट्रीय ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान से जुड़ा, 1,200 से अधिक छात्र शामिल हुए

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के लगभग 1,200 विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का केनेडी ऑडिटोरियम, कल्चरल एजुकेशन सेंटर में आयोजित लाइव प्रसारण को देखा।
विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में एएमयू के विभिन्न विभागों तथा विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो-वाइस चांसलर प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान थे, जबकि डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. एम. अथर अंसारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कला संकाय के डीन एवं कल्चरल एजुकेशन सेंटर के समन्वयक प्रो. मोहम्मद रिजवान खान, एनएसएस समन्वयक डा मोहसिन खान, डिप्टी डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सुबूही खान, फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सैयद जियाउर्रहमान, एनाटॉमी विभाग के अध्यक्ष प्रो. फजल-उर-रहमान, जनसंपर्क कार्यालय की सदस्य प्रभारी प्रोफेसर विभा शर्मा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अब्दुल जब्बार तथा जनसंपर्क अधिकारी उमर एस पीरजादा सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक व प्रवोस्ट भी मौजूद थे।
अपने वर्चुअल संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान को व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र का जनआंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश का युवा शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी तथा नशे की बुराइयों से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों को समझने, उनसे दूर रहने तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि देशभर के 28 हज़ार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक युवाओं, माई भारत स्वयंसेवकों तथा एनएसएस स्वयंसेवकों ने इस अभियान में भाग लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत का युवा जागरूक, जिम्मेदार और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ध्यान, सेवा कार्यों तथा जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से निरंतर चलाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षकों से अपने परिसरों में नशा विरोधी जन-जागरण अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे की लत युवाओं के सपनों और संभावनाओं को नष्ट करने के साथ-साथ परिवारों को भी गहरा आघात पहुँचाती है तथा राष्ट्र को कमजोर करती है। उन्होंने समाज, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों तथा सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों से मिलकर नशा मुक्त भारत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
इस अवसर पर प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, प्रो. एम. अथर अंसारी, प्रो. सैयद जियाउर्रहमान, प्रो. फजल-उर-रहमान तथा प्रो. विभा शर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें नशामुक्त समाज के दूत बनने तथा अपने साथियों एवं समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन कुलपति प्रो. नईमा खातून के नेतृत्व में डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना, कल्चरल एजुकेशन सेंटर, केंद्रीय ऑटोमोबाइल कार्यशाला, विद्युत विभाग तथा एएमयू स्कूल्स शिक्षा निदेशालय के समन्वित प्रयासों से संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम के सफल समन्वयन में रजिस्ट्रार प्रो. एम. आसिम जफर के मार्गदर्शन एवं सहयोग की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. फौजिया फरीदी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापित भी किया। डॉ. मोहम्मद उजैर ने उपस्थित प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाई, जिसे सभी ने उत्साहपूर्वक दोहराया। विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में राष्ट्रीय प्रतिज्ञा पोर्टल पर पंजीकरण कर नशामुक्त भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
