एएमयू के आफताब हॉल में साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मिला मंच

विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आफताब हॉल में आयोजित दो दिवसीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘नक्श-ए-हबीब’ का समापन मुशायरे और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ।
कार्यक्रम आफताब हॉल के प्रोवोस्ट डॉ. नौशाद वहीद अंसारी के संरक्षण और साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सोसायटी के सचिव मुहम्मद सलमान गौरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आफताब हॉल के जनरल वार्डन डॉ. मुहम्मद हनीफ कार्यक्रम प्रभारी रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर अपनी प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने का अवसर मिला।
पहले सत्र में विद्यार्थियों के लिए किरत भाषण, बैतबाजी, निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। धर्मशास्त्र विभाग के मुहम्मद उमर ने निबंध लेखन में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी में मुहम्मद मुफलिहून प्रथम और मुहम्मद उमर द्वितीय रहे। किरअत में मुहम्मद खबीब तथा भाषण प्रतियोगिता में अब्दुल वली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बैतबाजी में अबू उमैर और मुहम्मद सोहेल रैन विजेता रहे।
दूसरे सत्र में सुलेख और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वाद-विवाद में अलकमा सफदर और सुलेख में आदिफ जावेद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन ‘जश्न-ए-आफताब’ मुशायरे के साथ हुआ, जिसकी अध्यक्षता एएमयू के विद्वान डॉ. सद्दाम मुजमिर ने की। मुहम्मद सुफियान प्रतापगढ़ी, अदनान प्रतापगढ़ी, हिसाम ताज्जुब, नज्म हसन, रजा गोरखपुरी और अतीक अहमद ने अपनी कविताएं और शायरी प्रस्तुत की। उनकी रचनाओं में प्रेम, मानवता, संस्कृति, समाज और जीवन से जुड़े विभिन्न विषय उभरकर सामने आए।
परीक्षा नियंत्रक डा. मुजीबुल्लाह जुबेरी, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रो. मुहम्मद मासूम रजा, पेट्रोलियम अध्ययन विभाग के प्रो. मुहम्मद यूसुफ और सहायक प्रोफेसर डॉ. आसिम खान ने विशिष्ट अतिथियों के रूप में विभिन्न सत्रों में भाग लिया।
कार्यक्रम के आयोजन में वरिष्ठ हॉल प्रभारी मुहम्मद अथर, वरिष्ठ भोजन प्रभारी फुरकान हैदर और हॉल के वार्डनों ने सहयोग किया। मुहम्मद दानिश और अबू हुजैफा अब्बासी संयोजक एवं सह-संयोजक रहे। कार्यक्रम का संचालन मुहम्मद शाबान ने किया।
कार्यक्रम ने एएमयू की आवासीय संस्कृति में विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीम भावना, संवाद कौशल और समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए छात्रावासों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
