विश्व स्तनपान सप्ताहः एएमयू द्वारा मिर्जापुर सीवा गाँव में महिला स्वास्थ्य एवं स्तनपान जागरूकता शिविर का आयोजन

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खान तिब्बिया कॉलेज के यूनानी चिकित्सा संकाय के निस्वान व कबालात (स्त्री एवं प्रसूति रोग) विभाग द्वारा समाज कार्य विभाग और दवाखाना तिब्बिया कॉलेज के सहयोग से 4 अगस्त 2025 को मिर्जापुर सीवा गाँव, अलीगढ़ में महिलाओं के लिए एक निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत निस्वान व कबालात विभाग के चिकित्सकों द्वारा संचालित एक व्यापक जागरूकता सत्र से हुई, जिसमें गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं तथा उनके परिजनों को संबोधित किया गया। सत्र में स्तनपान के महत्व पर प्रकाश डाला गया, जैसे कि शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना, भावनात्मक जुड़ाव को सुदृढ़ करना और संपूर्ण विकास को प्रोत्साहित करना। चिकित्सकों ने जीवन के पहले छह महीनों तक केवल स्तनपान कराने की आवश्यकता पर जोर दिया और जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने की अनिवार्यता को समझाया चाहे प्रसव सामान्य हो या सिजेरियन।

शिविर का उद्घाटन विभागाध्यक्ष प्रो. सुबूही मुस्तफा ने किया। उन्होंने स्तनपान से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने और वैज्ञानिक जानकारी प्रसारित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विभाग की शिक्षक डॉ. फहमीदा जीनत और डॉ. अबीहा अहमद खान ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और माताओं व शिशुओं के लिए स्तनपान के भावनात्मक व वैज्ञानिक महत्व को दोहराया।

समाज कार्य विभाग ने हाशिये पर जीने वाली महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। विभाग के शिक्षकों डॉ. मोहम्मद ताहिर, डॉ. मोहम्मद आरिफ खान, शाइना सैफ और मोहम्मद उजैर ने लोगों तक पहुँच और संवाद को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

इसके पश्चात् पीजी डॉक्टरों की टीम द्वारा महिला रोगियों की व्यक्तिगत जांच व परामर्श प्रदान किया गया। दवाखाना तिब्बिया कॉलेज द्वारा महिलाओं को  निःशुल्क यूनानी दवाओं जैसे हेमाटिनिक, यूटेराइन टॉनिक एवं सर्दी-जुकाम की औषधियाँ प्रदान कर शिविर में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया गया।

सही स्तनपान का तरीका सिखाने हेतु विजुअल एड की सहायता से व्यावहारिक प्रदर्शन किए गए, विशेष रूप से सिजेरियन प्रसव से उबर रही माताओं के लिए। उपस्थित महिलाओं को दूध बढ़ाने हेतु उचित जल सेवन, संतुलित आहार और बार-बार स्तनपान कराने जैसे उपायों पर सलाह दी गई। इस सत्र में स्तनपान से संबंधित मिथकों को दूर करते हुए, माताओं को तथ्यात्मक जानकारी दी गई जिससे वे आत्मविश्वास से निर्णय ले सकें।

जागरूकता सत्र के उपरांत 150 से अधिक महिलाओं की स्त्री रोग एवं प्रसूति जांच की गई और उन्हें निःशुल्क परामर्श, दवाएं व सप्लीमेंट्स (आयरन, कैल्शियम, मल्टीविटामिन्स, प्रोटीन पाउडर) प्रदान किए गए।

शिविर का समन्वय डॉ. फहमीदा जीनत ने किया। उन्होंने विभाग की सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि हमारा उद्देश्य है कि महिलाओं को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ सेवाएं प्रदान की जाएं।

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