सीएआरए ने वैधानिक दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने और अवैध दत्तक ग्रहण को रोकने के लिए दत्तक ग्रहण जागरूकता 2026 का विषय लॉन्च किया

भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) ने दत्तक ग्रहण जागरूकता 2026 के लिए विषय का शुभारंभ किया है, जो देश भर में वैधानिक, सुरक्षित, पारदर्शी और बाल-केंद्रित दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
दत्तक ग्रहण जागरूकता 2026 का विषय है:
वैधानिक दत्तक ग्रहण। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य।
अवैध दत्तक ग्रहण पर रोक!
सीएआरए की सीईओ श्रीमती भावना सक्सेना ने इस थीम को औपचारिक रूप से डीडी नेशनल के एक लाइव मॉर्निंग शो के दौरान लॉन्च किया, जो वैधानिक दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने और अवैध दत्तक ग्रहण की प्रणालियों को रोकने के लिए एक सतत राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान, सीएआरए की सीईओ श्रीमती भावना सक्सेना ने वैधानिक दत्तक ग्रहण प्रक्रिया का पालन करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “दत्तक ग्रहण कोई शॉर्टकट नहीं है—यह एक पवित्र जिम्मेदारी है। सीएआरए और कानूनी रूप से निर्धारित चैनलों के माध्यम से, हम प्रत्येक अनाथ, परित्यक्त या सौंपे गए बच्चे की गरिमा, अधिकारों और भविष्य की रक्षा करते हैं। प्रत्येक बच्चे को एक सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और संरक्षित परिवार मिलना चाहिए, न कि गोपनीयता, अनिश्चितता या जोखिम।”
अवैध दत्तक ग्रहण प्रणालियों के विरुद्ध जागरूकता, समन्वय और प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए सीएआरए कई उपाय कर रहा है, जिनमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय शामिल है। हालांकि, प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रत्येक दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न कराने के लिए राज्य, जिला और सामुदायिक स्तर पर निरंतर जागरूकता और क्षमता निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वैधानिक दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए साल भर चलने वाला जनसंपर्क अभियान
“वैधानिक दत्तक ग्रहण। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य। अवैध दत्तक ग्रहण पर रोक” विषय के अंतर्गत, नागरिकों और प्रमुख हितधारकों के बीच व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए पूरे वर्ष कई जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
इस पहल के अंतर्गत, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर दत्तक ग्रहण जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन सितंबर 2026 से किया जा रहा है, जो पहले की नवंबर माह तक सीमित दत्तक ग्रहण जागरूकता गतिविधियों के दृष्टिकोण से आगे बढ़कर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। ये कार्यशालाएं हितधारकों को वैधानिक दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को समझने, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने, अवैध दत्तक ग्रहण प्रणालियों की पहचान करने और उनका समाधान करने तथा बच्चे के सर्वोत्तम हित के सिद्धांत को सुदृढ़ करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगी।
इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समितियां, जिला बाल संरक्षण इकाइयां, विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियां, बाल देखभाल संस्थान, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, न्यायपालिका, कानूनी सेवा प्राधिकरण, अस्पताल और नर्सिंग होम, चिकित्सा पेशेवर, आशा और एएनएम कार्यकर्ता, नागरिक समाज संगठन, मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित कई हितधारक शामिल होंगे।
दिल्ली में 10 सितंबर, 2026 को दत्तक ग्रहण जागरूकता कार्यशाला
इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत, सीएआरए दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और संबंधित अधिकारियों के सहयोग से गुरुवार, 10 सितंबर, 2026 को दिल्ली सचिवालय, नई दिल्ली में दत्तक ग्रहण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन करेगा।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वैधानिक दत्तक ग्रहण प्रणाली के बारे में जागरूकता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करने में हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालना होगा कि देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को कानूनी तंत्र के माध्यम से समुचित देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास प्राप्त हो।
इस कार्यशाला में अभिभावकों से अलग पाए गए बच्चों की समय पर रिपोर्टिंग के महत्व, कानूनी रूप से उन्हें सौंपने की प्रक्रियाओं, बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित करने और निर्धारित गोद लेने की प्रक्रिया का पालन करने पर भी जोर दिया जाएगा।
प्रत्येक बच्चे की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भावी दत्तक माता-पिता और आम जनता यह समझें कि दत्तक ग्रहण एक वैधानिक और बाल-केंद्रित प्रक्रिया है, न कि व्यक्तियों के बीच एक निजी समझौता।
नागरिकों को सीएआरए और नामित अधिकारियों/एजेंसियों के माध्यम से कानूनी रूप से निर्धारित दत्तक ग्रहण प्रक्रिया का पालन करने और अवैध दत्तक ग्रहण के संदिग्ध मामलों की सूचना सक्षम अधिकारियों को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
निरंतर, वर्ष भर चलने वाली जागरूकता और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से, सीएआरए का लक्ष्य एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण करना है जिसमें प्रत्येक बच्चे की गरिमा, पहचान, अधिकार, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा की जा सके।
