जामिया को एक शानदार समारोह में माननीय केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा ‘फिट इंडिया – गोल्ड FERN रिकग्निशन’ से सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) को भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित “फिट इंडिया– गोल्ड FERN रिकग्निशन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान स्वस्थ, हरित और वाहन-मुक्त परिसर को बढ़ावा देने तथा ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में विश्वविद्यालय के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए दिया गया है।
जेएमआई के माननीय कुलपति प्रो. मजहर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी के दूरदर्शी और प्रेरणादायक नेतृत्व में, विश्वविद्यालय ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को बढ़ावा देने के लिए कई अभिनव पहल की हैं। प्रो. आसिफ़ और प्रो. रिज़वी दोनों ने खुद हर रविवार साइकिलिंग गतिविधियों में भाग लेकर मिसाल कायम की है और शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्रों को फिटनेस, स्वस्थ जीवन शैली और पर्यावरणीय स्थिरता अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
उनके नेतृत्व ने विश्वविद्यालय समुदाय में साइकिलिंग की एक सुदृढ संस्कृति को बढ़ावा दिया है, जिससे स्वस्थ जीवन शैली अपनाने को प्रोत्साहन मिला है और साथ ही प्रदूषण-मुक्त तथा पर्यावरण के अनुकूल परिसर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।
यह पुरस्कार माननीय केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी द्वारा प्रदान किया गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन डॉ. विकास सीतारामजी नागराले को संस्थान की ओर से पुरस्कार प्राप्त करने के लिए नामित किया गया था। सम्मान समारोह के दौरान, डॉ. मंडाविया ने डॉ. विकास नागराले को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
जामिया प्रशासन ने परिसर को वाहन-मुक्त, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण में बदलने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। छात्राओं सहित सभी वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए व्यवस्थित पार्किंग सुविधाएं विकसित की गई हैं, साथ ही हरित परिसर बनाने और उसे बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्वस्थ जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने में एक आदर्श संस्थान के रूप में उभरा है। यूनिवर्सिटी ने इस उपलब्धि को माननीय वाइस-चांसलर प्रो. मज़हर आसिफ़, माननीय रजिस्ट्रार प्रो. महताब आलम रिज़वी, फैकल्टी सदस्यों, स्टाफ़ और छात्रों की सामूहिक कोशिशों और सहयोग को समर्पित किया और इसे पूरे जामिया समुदाय के लिए बहुत गर्व की बात बताया।
