अमुवि के जेएनएमसी न्यूरोसर्जन द्वारा हैदराबाद में उन्नत एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी का प्रदर्शन

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के न्यूरोसर्जन डॉ. अहमद अंसारी ने गांधी मेडिकल कॉलेज, हैदराबाद में आयोजित एंडोस्कोपिक संगोष्ठी और ऑपरेटिव वर्कशॉप के दौरान दो-स्तरीय स्पाइन डिकंप्रेशन सर्जरी का लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया। वह इस कार्यशाला में विशिष्ट ऑपरेटिंग फैकल्टी सदस्य के रूप में आमंत्रित किये गए थे।
यह एक दिवसीय शैक्षणिक आयोजन क्षेत्रभर से आए न्यूरोसर्जरी चिकित्सकों और रेजिडेंट्स की उपस्थिति में आयोजित हुआ। डॉ. अंसारी ने बायपोर्टल एंडोस्कोपिक स्पाइन तकनीकों पर व्याख्यान दिए और स्पाइन सर्जरी के दौरान जटिलताओं से बचने की रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. अंसारी ने बायपोर्टल एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए बताया कि यह वर्तमान में रीढ़ संबंधी बीमारियों जैसे स्लिप डिस्क, डीजेनेरेटिव स्पाइन स्थितियां और फ्रैक्चर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सबसे उन्नत मिनिमली इनवेसिव तकनीकों में से एक है। इस प्रक्रिया में एक सेंटीमीटर से भी छोटी दो चीरों के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को जल्दी आराम मिलता है और अधिकांश रोगियों को 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 100 से अधिक ऐसी सर्जरी की हैं, जिससे सैकड़ों रोगियों को राहत मिली है।
डॉ. अंसारी ने अपनी विशेषज्ञ प्रशिक्षण वूरीडुल स्पाइन हॉस्पिटल, सियोल, दक्षिण कोरिया से प्राप्त किया है।
जेएनएमसी के न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. रमन एम. शर्मा ने बताया कि आज के स्पाइन केयर में यूबीई तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग नियमित रूप से ऐसी सर्जरी करता है और उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर रहा है। जेएनएमसी देश के कुछ सरकारी मेडिकल संस्थानों में से एक है, जहां एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है और यह उन्नत स्पाइनल इंटरवेंशन और क्रेनियोवर्टेब्रल जंक्शन विकारों के इलाज में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरता हुआ उत्कृष्टता केंद्र बन रहा है।
इसी भावना को साझा करते हुए प्रो. एम.एफ. होदा ने इन तकनीकों के क्लीनिकल लाभों पर प्रकाश डाला। जैसे कि छोटी चीरे, न्यूनतम रक्तस्राव, कम अस्पताल में भर्ती समय और तेज पुनर्वास।
जेएनएमसी के डीन और प्राचार्य प्रो. एम. हबीब रज़ा ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए डॉ. अंसारी और न्यूरोसर्जरी विभाग को शैक्षणिक प्रगति और रोगी देखभाल में उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई दी।
