प्रधानमंत्री ने 54वीं ‘प्रगति’ बैठक की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘सेवा तीर्थ’ में ‘सक्रिय शासन’ को बढ़ावा देने और कार्यों का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म ‘प्रगति’ (PRAGATI) की 54वीं बैठक की अध्यक्षता की। यह प्लेटफॉर्म परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने और उनका बेहतर वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ लाता है।

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत वाली 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैली रेलवे, एकता मॉल और ड्रग पार्क से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। आर्थिक विकास और जन कल्याण के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा करते समय मुख्य रूप से समय-सीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और समस्याओं के समय पर समाधान पर ध्यान दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ‘पीएम एकता मॉल’ स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराएं, कारीगरों की आजीविका को मजबूत करें और उनके उद्यमों को विस्तार देने में मदद करें। उन्होंने इन मॉलों को पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे मांग बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने मुख्य सचिवों से कहा कि वे नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि इन मॉलों का काम समय पर पूरा हो जाए।

आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में ‘बल्क ड्रग पार्कों’ की समीक्षा करते हुए, प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए ‘एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स’ (एपीआई) और जरूरी कच्चे माल के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों से कार्यान्वयन संबंधी कमियों को दूर करने के लिए हर महीने जिलाधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन को परिव्यय से अधिक परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक व्यय लोगों के जीवन में ठोस सुधार लाए। आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने वंचित क्षेत्रों में विकास को गति देने में अभिसरण, नियमित निगरानी और स्थानीय जवाबदेही की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शासन को मजबूत करने और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में सुधार के निरंतर प्रयासों से लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री ने यात्रियों की सुविधा और यात्रा को आसान बनाने के लिए देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुनर्विकसित स्टेशनों को ‘मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ के रूप में काम करना चाहिए, जहां मेट्रो और अन्य परिवहन नेटवर्क के साथ बेहतर कनेक्टिविटी हो।

प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों से कहा कि वे बाधाओं को ‘मिशन मोड’ में दूर करें, केंद्र-राज्य और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करें और वरिष्ठ स्तर पर इसकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने हर स्तर पर सक्रिय कार्य-संस्कृति और जिम्मेदारी की भावना अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए संभावित चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाना, समय रहते निर्णय लेना और स्पष्ट जवाबदेही तय करना जरूरी है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.