एएमयू में राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी ‘फ्रैगमेंट्स ऑफ एपिफनी’ का उद्घाटन

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मोइनुद्दीन अहमद आर्ट गैलरी में राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी “फ्रैगमेंट्स ऑफ एपिफनी” का उद्घाटन किया गया। इस प्रदर्शनी में कलाकारों, शिक्षाविदों, छात्रों और कला प्रेमियों ने भाग लेकर समकालीन कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति का आनंद लिया।

एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सर जेजे स्कूल आफ आर्ट, आर्केटेक्चर एण्ड डिजाइन के कुलपति प्रो. हिम कुमार चटर्जी, एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज, दिल्ली स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स के डीन प्रो. राजन श्रीपद फुलारी, कला संकाय के डीन प्रो. टी.एन. सतीशन, जनसंपर्क कार्यालय की सदस्य प्रभारी प्रो. विभा शर्मा, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. निशात फातिमा तथा डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. इफ्फत असगर सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में प्रो. नइमा खातून ने कहा कि यह प्रदर्शनी कलाकारों के बीच रचनात्मक संवाद, सहयोग और उनकी प्रतिभा को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक होगी। पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने कहा कि इस प्रकार की पहलें सांस्कृतिक सहभागिता को मजबूत करने के साथ उभरते कलाकारों को प्रोत्साहन देती हैं।

प्रो. हिम कुमार चटर्जी ने कला प्रदर्शनी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन प्रयोगधर्मी विचारों और सार्थक दृश्य अभिव्यक्ति को बढ़ावा देते हैं। वहीं प्रो. राजन श्रीपद फुलारी ने कहा कि कला समाज में संवेदनशीलता और नए दृष्टिकोण विकसित करने की परिवर्तनकारी शक्ति रखती है।

प्रदर्शनी में वॉटर कलर, एक्वाटिंट, ऑयल, एक्रेलिक, फोटोग्राफी, मूर्तिकला और इंस्टॉलेशन आर्ट से संबंधित कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। कई इंटरएक्टिव और वैचारिक कलाकृतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों में श्रबानी दासगुप्ता, अश्विन सथियान, सुमित श्रीवास्तव, हर्ष मौर्य, रजनी आर्या, मोहम्मद रियाज और यश भोफ्टे शामिल हैं।

उद्घाटन सत्र का प्रमुख आकर्षण फैजुल्लाह अहमद की परफॉर्मेंस आर्ट प्रस्तुति रही। प्रदर्शनी के दौरान सूफी यजदानी और आर्यन प्रताप सिंह की प्रस्तुतियों के साथ-साथ बिहन दास और शमीम खान की सहभागिता वाले पैनल डिस्कशन भी आयोजित किए जाएंगे।

प्रदर्शनी का संयोजन गैलरी समन्वयक प्रो. बदर जहां की देखरेख में किया गया है। इसमें पेंटिंग, फोटोग्राफी, मूर्तिकला, इंस्टॉलेशन आर्ट और मिक्स्ड मीडिया के माध्यम से समकालीन कला की विविध अभिव्यक्तियों को प्रस्तुत किया गया है।

प्रो. बदर जहां ने कहा कि इस प्रदर्शनी की परिकल्पना केवल कला प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कलात्मक संवाद, प्रेरणा और रचनात्मक विकास के मंच के रूप में तैयार किया गया है।

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