जामिया मिल्लिया इस्लामिया के भूगोल विभाग ने कोलंबिया विश्वविद्यालय, अमेरिका के सहयोग से किया ‘क्लाइमेट चेंज वल्नरेबिलिटी, माइग्रेशन एंड डिसप्लेसमेंट’ पर एक साप्ताहिक GIAN पाठ्यक्रम आयोजित

नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के विज्ञान संकाय के भूगोल विभाग ने कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क, अमेरिका के सहयोग से 21 से 25 जुलाई, 2025 तक “जलवायु परिवर्तन की संवेदनशीलता, प्रवासन और विस्थापन: बढ़ती चुनौती और संभावित नीतिगत प्रतिक्रियाएँ” पर एक सप्ताहिक वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क पहल (GIAN) पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस पाठ्यक्रम में अग्रणी शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने 21वीं सदी की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक, जलवायु-जनित विस्थापन और गतिशीलता पर विचार-विमर्श किया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक पहल, ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (GIAN), वैश्विक स्तर पर ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच के रूप में कार्य करती है। GIAN भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को आमंत्रित करने और उनकी मेजबानी करने में सक्षम बनाता है, जिससे उन्नत पाठ्यक्रमों के सह-शिक्षण की सुविधा मिलती है।
इस पाठ्यक्रम में देशभर के विभिन्न विषयोंऔर संस्थानों जैसे डीयू, बीएचयू, जेएमआई, एएमयू, जेएनयू, बिट्स पिलानी, आईआईटी-पटना, आईआईटी-इंदौर और कई अन्य विश्वविद्यालयों के 67 युवा स्कॉलर्स और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
यह प्रतिष्ठित शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम 21 जुलाई, 2025 को एफटीके-सीआईटी कॉन्फ्रेंस हॉल, जेएमआई में शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष और अन्य संकाय सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने जलवायु-प्रेरित प्रवासन को राष्ट्रीय अनुकूलन योजना और आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों में एकीकृत करने की वकालत की। विदेशी विशेषज्ञ प्रो. एलेक्स डी शेरबिनिन ने जीआईएएन पाठ्यक्रम के विषय और पाठ्यक्रम संरचना पर बात की। जेएमआई के विज्ञान संकाय के डीन प्रो. सईद उद्दीन ने विभाग की पहल और अंतःविषयक शिक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के सामाजिक-पर्यावरणीय प्रभावों को समझने के लिए वैज्ञानिक दृढ़ता और सहयोग के महत्व पर बल दिया। कोलंबिया विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक और पाठ्यक्रम के विदेशी संकाय सदस्य प्रो. एलेक्स डी शेरबिनिन ने विस्थापन के पर्यावरणीय कारकों पर वैश्विक अंतर्दृष्टि प्रदान की और भेद्यता आकलन के लिए नवीन उपकरण साझा किए।
पाठ्यक्रम का समन्वयन जेएमआई के भूगोल विभाग के अध्यक्ष और GIAN पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. अतीकुर रहमान द्वारा किया गया; जो शहरी पर्यावरण प्रबंधन और भू-स्थानिक विज्ञान के एक प्रसिद्ध शोधकर्ता हैं। उन्होंने पाठ्यक्रम के शैक्षणिक उद्देश्यों को रेखांकित किया और प्रतिभागियों को अंतःविषयक शोध के माध्यम से इस अनुभव को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रोफ़ेसर एलेक्स डी शेरबिनिन, विदेशी विशेषज्ञ ने 10 व्याख्यानों की श्रृंखला, 3 ट्यूटोरियल दिए; साथ ही प्रोफ़ेसर अतीकुर रहमान पाठ्यक्रम समन्वयक द्वारा 2 व्याख्यान दिए गए। व्याख्यान विभिन्न विषयों पर थे जैसे- डेमोग्रॅफिक कॉन्सेप्ट्स एंड डेटा एनॅलिसिस फॉर क्लाइमेट चेंज, अर्बनाइज़ेशन एंड क्लाइमेट चेंज: कोस्टल सिटीस, अर्बन हीट आइलॅंड्स, हीट स्ट्रेस एंड वॉटर सप्लाइ इन इंडिया सिनॅरियो, अर्बन वल्नरबिलिटी एंड रिसिलियेन्स इन इंडिया: द पावर ऑफ रिमोट्ली सेन्स्ड डेटा एंड जीआईएस टूल, डेवेलपमेंट ऑफ ए बेसिक क्लाइमेट चेंज वल्नरबिलिटी इंडेक्स यूज़िंग अवेलबल टॅब्युलर डेमोग्रॅफिक एंड एन्वाइरन्मेंटल डेटा, क्लाइमेट चेंज-इंड्यूस्ड माइग्रेशन एंड डिसप्लेसमेंट: एविडेन्स फ्रॉम रिसर्च, मॉडेलिंग फ्यूचर क्लाइमेट माइग्रेशन, अर्बन माइक्रो क्लाइमेट चेंज मिटिगेशन एंड फ्यूचर सिनॅरियो एंड पॉलिसी रेस्पॉन्सस एंड एडाप्टेशन इन इंडिया तथा द सब-कॉंटिनेंट एंड द ग्लोबल साउथ। इस पाठ्यक्रम में भूगोल विभाग की जीआईएस प्रयोगशाला में रिमोट सेंसिंग उपग्रह डेटा और जीआईएस तकनीक का उपयोग करके क्लाइमेट चेंज वल्नरेबिलिटी और फ्लड वल्नरेबिलिटी मॉडलिंग के लिए लगभग 5 घंटे का व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किया गया।
25 जुलाई, 2025 को जामिया के मीर अनीस हॉल में आयोजित समापन समारोह में जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ़ (मुख्य अतिथि) और जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी (विशिष्ट अतिथि), प्रो. एलेक्स डी शेरबिनिन (विदेशी विशेषज्ञ) और जामिया के विज्ञान संकाय के डीन प्रो. सईद उद्दीन उपस्थित रहे, जिन्होंने वैश्विक शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में विभाग की भूमिका की सराहना की।
अपने समापन भाषण में, जामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने भूगोल विभाग की इस सामयिक और विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण पहल के आयोजन के लिए सराहना की और वैश्विक चुनौतियों पर शोध और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने जलवायु नीति के क्षेत्र में अकादमिक संवाद और प्रशासनिक कार्रवाई को जोड़ने के लिए निरंतर सहयोग की सराहना की। प्रतिभागियों ने हार्दिक आभार व्यक्त किया और पाठ्यक्रम के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ। विस्तार व्याख्यान और वेबिनार प्रभारी डॉ. ग़ज़ल सलाहुद्दीन ने कार्यक्रम का संचालन किया और डॉ. हसन रज़ा नक़वी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह GIAN पाठ्यक्रम अंतःविषयक शिक्षा और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन और स्थिरता की चुनौतियों का समाधान करने में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के नेतृत्व का प्रमाण है।
