युवा संगम चरण VII के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 तक बढ़ाई गई

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने युवा संगम चरण VII के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 तक बढ़ा दी है। यह विस्तार देश भर के पात्र युवाओं को इस अनोखे युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में पंजीकरण करने और भाग लेने का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगा।

18 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के इच्छुक युवा, जिनमें उच्च शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थी, एनएसएस/एनवाईकेएस स्वयंसेवक और युवा पेशेवर शामिल हैं, आधिकारिक युवा संगम पोर्टल https://ebsb.aicte-india.org के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। युवा संगम चरण VII के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि पहले 18 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई थी।

युवा संगम चरण VII के लिए, आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालय और एनआईटी सहित 20 उच्च शिक्षण संस्थानों को इस आदान-प्रदान कार्यक्रम की मेज़बानी और सुविधा के लिए नोडल संस्थानों के रूप में चुना गया है। चयनित प्रतिभागी अपने संबद्ध राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 5 से 7 दिनों की शैक्षिक और सांस्कृतिक यात्राएं करेंगे, जिसमें यात्रा के दिनों को शामिल नहीं किया जाएगा। इन यात्राओं के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों, शासन संबंधी पहलों, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, उद्योगों, विरासत स्थलों और सामुदायिक जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।

युवा संगम चरण VII के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की जोड़ी बनाना

क्रम संख्या उराज्य/यूटीयुग्मित उच्च शिक्षण संस्थान(एचईआई)युग्मित राज्य/यूटीयुग्मित उच्च शिक्षण संस्थान(एचईआई)
उत्तर प्रदेशबीएचयू वाराणसीकेरलमआईआईटी पलक्कड
मध्य प्रदेशएसपीए भोपालकर्नाटकसीयू कर्नाटक
  1.  
असमआईआईटी गुवाहाटीतेलंगानासीयू हैदराबाद
गोवाएनआईटी गोवामिजोरमसीयू मिजोरम
5.राजस्थानआईआईटी जोधपुरसिक्किमसिक्किम विश्वविद्यालय
6.जम्मू-कश्मीर, लद्दाखएनआईटी श्रीनगरमहाराष्ट्रआईआईटी बॉम्बे
7.पश्चिम बंगालआईआईटी खड़गपुरउत्तराखंडएचबीएनयू वश्रीनगर
8.चंडीगढ़आईआईएसईआर मोहालीगुजरातसीयू गुजरात
9.हिमाचल प्रदेशएनआईटी हमीरपुरओडिशाआईआईएम संबलपुर
10.दिल्लीदिल्ली विश्वविद्यालयतमिलनाडुसीयू तमिलनाडु

 

युवा संगम, एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के अंतर्गत एक प्रमुख युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा नागरिकों के बीच भावनात्मक संबंधों को मजबूत करना और आपसी समझ को बढ़ावा देना है। यह पहल युग्मित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सुव्यवस्थित अनुभवात्मक यात्राओं के माध्यम से “विविधता में एकता” की भावना को प्रोत्साहित करती है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, भाषाई, शैक्षिक और विकासात्मक विविधता का अनुभव करने का अवसर मिलता है।

यह कार्यक्रम पाँच प्रमुख विषयगत स्तंभों या 5पी पर आधारित है, जिनमें पर्यटन, परंपरा, प्रगति(विकास और सुशासन), परस्पर संपर्क तथा प्रौद्योगिकी(तकनीक एवं नवाचार) शामिल है। इन विषयगत गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागी भारत की विविधता के प्रति गहरी समझ और सराहना विकसित करते हैं तथा आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) 2020 की परिकल्पना के अनुरूप है।

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