जेएन मेडिकल कालिज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा परिवार नियोजन जागरूकता सप्ताह का आयोजन

नई दिल्ली : विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (यूएचटीसी) में एक सप्ताह का परिवार नियोजन सेवाएं एवं दंपति परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. उजमा इरम के मार्गदर्शन तथा यूएचटीसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अली जाफर आब्दी और मुख्य महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबूही अफजल की निगरानी में किया गया।
‘युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करनाः आज और भविष्य के लिए’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य शिक्षा और व्यक्तिगत परामर्श के माध्यम से जिम्मेदार अभिभावकत्व, प्रजनन संबंधी सही निर्णय तथा जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान यूएचटीसी में एक विशेष दंपति परामर्श केंद्र स्थापित किया गया, जहां परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक उपायों, बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतर तथा प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित गोपनीय परामर्श दिया गया। इस दौरान प्रथम गर्भधारण में उचित विलंब, बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतर बनाए रखने, छोटे परिवार को अपनाने तथा उपयुक्त गर्भनिरोधक साधनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. इरम आबिद और डॉ. शाइस्ता परवीन तथा कनिष्ठ रेजिडेंट डॉ. निशु मलिक, डॉ. शफिया शफीक और डॉ. अंचल नेगी ने पात्र दंपतियों को प्रजनन स्वास्थ्य, आधुनिक गर्भनिरोधक उपायों, सुनियोजित गर्भधारण और जिम्मेदार अभिभावकत्व के बारे में परामर्श दिया। साथ ही परिवार नियोजन से जुड़ी आम भ्रांतियों और गलत धारणाओं को भी दूर किया गया।
इंटर्न चिकित्सकों ने परिवार नियोजन तथा बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतर रखने के महत्व पर आधारित जागरूकता पोस्टर तैयार कर प्रदर्शित किए। सिस्टर नेहा ने पूरे कार्यक्रम के दौरान गर्भनिरोधक साधनों और सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की तथा उचित परामर्श के बाद पात्र लाभार्थियों को निरोध और गर्भनिरोधक गोलियों का वितरण किया।
कार्यक्रम में नवविवाहित दंपतियों और एक बच्चे वाले परिवारों को पहले गर्भधारण में उचित विलंब तथा बच्चों के जन्म के बीच स्वस्थ अंतर बनाए रखने के लिए विशेष रूप से परामर्श दिया गया। वहीं, दो या अधिक बच्चों वाले दंपतियों को अनियोजित गर्भधारण से बचाव और जिम्मेदार अभिभावकत्व को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त परिवार नियोजन उपाय अपनाने की सलाह दी गई।

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