नवजागरण के प्रभाव में राष्ट्रीयता की  भावना हिंदी-उर्दू साहित्य की साझा विरासत है- प्रो. शंभुनाथ …

नोएडा : “ भारतीय स्वाधीनता आंदोलन केवल राजनीतिक संघर्ष का इतिहास नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक जागरण, भाषाई चेतना और साहित्यिक पुनरुत्थान की भी गाथा है। जब भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब साहित्य ने जनता को मानसिक, भावनात्मक…
Read More...

दिल्ली विश्वविद्यालय जैसी संस्थानो की छवि को धूमिल करना सच्ची पत्रकारिता नहीं  – प्रो. जसीम…

दिल्ली विश्वविद्यालय एक शैक्षिक आंदोलन है, मीडिया की ओछी विचार का शिकार होता राष्ट्रीय महत्व का केन्द्र
Read More...

“ रहीम का काव्य भारतीय समाज और संस्कृति की साझा परंपरा का जीवंत दस्तावेज़ है”- प्रो. शंभुनाथ तिवारी 

नई दिल्ली : “भारत की संस्कृति का आधार उसकी बहुलता और सह-अस्तित्व की भावना है। यहाँ धर्म, जाति, भाषा, और जीवन-दर्शन के अनेक रूप हैं, जो परस्पर विरोध के बजाय समरसता में विकसित हुए हैं। इसी सांस्कृतिक परंपरा में अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना…
Read More...

नमो अध्ययन केन्द्र ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए संस्थागत सदस्यता शुरू की

नई दिल्ली, 19 नवंबर 2025 – सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ (नमो अध्ययन केन्द्र) ने भारत के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जोड़ने के लिए अपना संस्थागत सदस्यता कार्यक्रम शुरू किया है।यह संस्थागत सदस्यता दो शैक्षणिक सत्रों…
Read More...

हिंदुस्तान की बहुभाषिकता सामाजिक और सांस्कृतिक समन्वय को मजबूती प्रदान करती है- शंभुनाथ तिवारी

हिंदुस्तान की बहुभाषिकता सामाजिक और सांस्कृतिक समन्वय को मजबूती प्रदान करती है- शंभुनाथ तिवारी  अलीगढ़ नवंबर 18, 2025 :   “सभ्यताओं के विकास में भाषाओं की अहम भूमिका होती है। भारत के परिप्रेक्ष्य में यहाँ की बहु भाषायी परंपरा और…
Read More...