एएमयू ने पीएम-किसान कार्यक्रम की 20वीं किस्त में सक्रिय भागीदारी से सरकारी पहलों को दिया नया आयाम

नई दिल्ली : भारत सरकार द्वारा किसानों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों के तहत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संकाय ने 2 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 20वीं किस्त में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित किया गया था और जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में एएमयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने भाग लिया और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने हेतु राष्ट्रीय मिशनों में विश्वविद्यालय की भागीदारी की चर्चा की। उनके साथ प्रो. मुजीबुर रहमान खान (नोडल अधिकारी, पीएम-किसान), प्रो. आर.यू. खान (डीन, कृषि विज्ञान संकाय), प्रो. इकबाल अहमद (समन्वयक, बी.एससी. एग्रीकल्चर) और अन्य वरिष्ठ शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।
कृषि विज्ञान संकाय में आयोजित इस लाइव प्रसारण में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 40 से अधिक महिला किसान और छात्र-छात्राएं शामिल थे। कार्यक्रम में दस पीएम-किसान लाभार्थियों की उपस्थिति विशेष रही, जिन्होंने किस्त प्राप्त कर अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन के पश्चात, प्रो. एम.आर. खान ने उपस्थित किसानों से अपील की कि वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें, ताकि योजना का लाभ अनवरत मिलता रहे।
इस कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. ज़ियाउल हक़ द्वारा किया गया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि एएमयू कैसे राष्ट्रीय विकास नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को सशक्त बना रहा है। विश्वविद्यालय निरंतर ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा रहा है।
