द ऋषिव लाइफ़ स्कूल, शिवपुर, वाराणसी में संपन्न हुआ ‘लिटिल लीजेंड्स लिट आर्ट फेस्टिवल’ का तीन-दिवसीय बाल–महोत्सव।
द ऋषिव लाइफ़ स्कूल, शिवपुर, वाराणसी में संपन्न हुआ ‘लिटिल लीजेंड्स लिट आर्ट फेस्टिवल’ का तीन-दिवसीय बाल–महोत्सव।

वाराणसी, उत्तर प्रदेश। तीन-दिवसीय ‘लिटिल लीजेंड्स लिट–आर्ट फ़ेस्टिवल 2025’ का शुभारम्भ बाल-दिवस, शुक्रवार, 14 नवम्बर 2025 को ‘द ऋषिव लाइफ़ स्कूल’, शुद्धीपुर, शिवपुर बाईपास, एयरपोर्ट रोड, वाराणसी में आयोजित हुआ, जिसकी सम्पूर्ति रविवार, 16 नवंबर 2025 को अत्यन्त भव्य स्वरूप में हुई।
पहले दिन कठपुतली का शो, और कथक और शास्त्रीय संगीत, दूसरे दिन साइंस शो, मैजिक शो और ड्रामा ‘हमारी धरोहर’ का मंचन हुआ।
उत्सव में प्रवेश पूर्णत: निःशुल्क था।
उद्घाटन-सत्र का शुभारम्भ अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध चित्रकार सुश्री पद्मिनी मेहता द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप-प्रज्वलन के साथ हुआ। संध्या-विमर्श में ‘संस्कार, शिक्षा, सृजन, संस्कृति और संरक्षण’ विषय–समूह पर विशिष्ट अतिथिगणों ने बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को संबोधित किया। मुख्य-अतिथि श्री एन.पी. सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, भारतीय शिक्षा बोर्ड रहे। अतिविशिष्ट अतिथि डॉ. नीरजा माधव, राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित, सुप्रतिष्ठित हिन्दी साहित्यकार रहीं।

विशिष्ट-अतिथि विपिन कुमार राय, पुलिस उपाधीक्षक (डी.एस.पी.), एण्टी टेरर स्क्वाड, वाराणसी ज़ोन और स्नेहा उपाध्याय, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, वाराणसी, तथा बृजेश सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी, भदोही रहे। इन सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।
‘लिटिल लीजेंड्स लिट-आर्ट फेस्टिवल 2025’ का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में ज्ञान, मूल्य एवं संस्कार, भारतीय संस्कृति का बोध, सृजनशीलता, कला एवं अभिव्यक्ति, इन सभी का संतुलित एवं सार्थक विकास करना है।

यह ‘काशी कुमारोत्सव’ बच्चों में चेतना, जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और नवोन्मेष को प्रोत्साहन एवं दिशानिर्देशन देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है। द ऋषिव लाइफ़ स्कूल और ऋषिव – वैदिक अनुसंधान, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, दोनों ही संस्थाएँ, समग्र शिक्षा, भारतीय ज्ञान–परंपरा, योग, और प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत अग्रणी सामाजिक–शैक्षणिक संस्थाएँ हैं, जो शिक्षा को मूल्य-आधारित, सांस्कृतिक और जीवन-कौशलयुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम की आयोजक और ऋषिव की निदेशक डॉ. अपर्णा सिंह ने बताया यह उत्सव न केवल बच्चों के लिए, बल्कि बड़ों के लिए भी अपनी प्रतिभा, कला, संस्कार और रचनात्मकता प्रस्तुत करने का एक सौभाग्यपूर्ण अवसर रहा। इस भव्य समारोह का उद्देश्य बाल-मन में ऊर्जा, उत्साह और सृजनात्मकता का उजास फैलाना है।
आखिरी दिन, रविवार को, समापन के अवसर पर मैजिक शो, साइंस शो, कठपुतली शो, और अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आयोजित ‘युवा कवि सम्मेलन’ विशेष चर्चा का केंद्र बना रहा।
