एएमयू के पादप संरक्षण विभाग में युवाओं में कृषि कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संकाय के पादम संरक्षण विभाग द्वारा सिंजेंटा फाउंडेशन इंडिया के सहयोग से एक माह का ‘आईराइज यूथ स्किलिंग प्रोग्राम इन एग्रीकल्चर’ कार्यक्रम का उदघाटन एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण पृष्ठभूमियुवाओं को आधुनिक कृषि कौशल में प्रशिक्षित करना है। कार्यक्रम के तहत 10वीं पास 50 युवाओं का चयन किया गया है, जिन्हें एक माह का कक्षा प्रशिक्षण एएमयू में तथा दो माह का फील्ड प्रशिक्षण सिंजेंटा सेंटर में दिया जाएगा। इस कार्यक्रम को सिंजेंटा इंडिया, पुणे द्वारा प्रायोजित किया गया है, जो कक्षा प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को आवास और भोजन की सुविधा भी प्रदान कर रहा है।
प्रारंभिक सत्र में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. मुजीबुर्रहमान खान ने मुख्य अतिथि प्रो. मोहम्मद गुलरेज का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथियों में डा श्रवण कुमार (संयुक्त निदेशक कृषि, अलीगढ़), सतीश मलिक (उप निदेशक, पौध संरक्षण), धीरेन्द्र सिंह (जिला कृषि अधिकारी), दीपक कुमार (डिवीजनल मार्केटिंग मैनेजर, सिंगेंटा), और भगवान सिंह (रीजनल मैनेजर, सिंगेंटा) शामिल थे। सिंगेंटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
प्रो. गुलरेज ने इस पहल को अकादमिक और उद्योग क्षेत्र के बीच अनुकरणीय सहयोग का उदाहरण बताया और कृषि को सभ्यता की रीढ़ करार दिया। उन्होंने पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. खान और समन्वयक डॉ. जियाउल हक को इस सार्थक पहल के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त की कि अन्य विभाग भी ऐसे कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।
कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रो. आर.यू. खान ने स्थायी कृषि की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. श्रवण कुमार ने एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन की महत्ता बताई, जबकि धीरेन्द्र सिंह ने उर्वरकों और कीटनाशकों के अति प्रयोग के प्रति आगाह किया। दीपक कुमार ने ज्ञान और तकनीक के संयोजन से कृषि विकास को रेखांकित किया।
प्रो. मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण की संरचना स्पष्ट करते हुए प्रतिभागियों को आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का समापन कृषि अर्थशास्त्र एवं व्यवसाय प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष प्रो. अकराम अहमद खान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जियाउल हक द्वारा किया गया।
