एएमयू में शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण का प्रशिक्षणः ‘लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स’ निर्धारण पर जेएनएमसी में कार्यशाला आयोजित

नई दिल्ली  :  अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज, चिकित्सा संकाय की मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) द्वारा “लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स निर्धारण” विषय पर एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस का उद्देश्य शिक्षण-प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और शिक्षकों को आवश्यकतानुसार अकादमिक एवं क्लिनिकल परिणामों के अनुरूप स्पष्ट लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स तैयार करने के लिए मार्गदर्शन देना था।

जेएनएमसी के प्राचार्य एवं डीन, प्रो. मोहम्मद हबीब रजा ने विभिन्न विषयों से आए शिक्षकों का स्वागत करते हुए चिकित्सा शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता के महत्व को समझाया।

मुख्य वक्ता प्रो. संगीता सिंघल ने ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के आधार पर कॉग्निटिव, साइकोमोटर और एफेक्टिव डोमेन्स में लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स तैयार करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बुनियादी अवधारणाओं से लेकर उन्नत अनुप्रयोगों तक ज्ञान को क्रमिक रूप से विकसित करने पर जोर दिया। प्रो. नसरीन नूर ने एबीसीडी मॉडल के माध्यम से विशिष्ट लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी साझा की।

एमईयू की समन्वयक प्रो. सादिया सईद ने बताया कि स्पष्ट और व्यवस्थित लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स प्रभावी व्याख्यान तैयार करने में सहायक होते हैं, जिससे छात्र वास्तविक जीवन की क्लिनिकल प्रैक्टिस में उन्हें लागू कर सकें।

इंटरएक्टिव समूह सत्रों में प्रतिभागियों ने विभिन्न क्षमताओं पर आधारित लर्निंग ऑब्जेक्टिव्स तैयार किए। डॉ. रुही खान ने कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं का सार प्रस्तुत किया, जबकि प्रो. शगुफ्ता मोइन ने एमईयू के सदस्यों द्वारा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन रणनीतियों को बढ़ावा देने की सराहना की। डॉ. जमील अहमद ने भी अपने विचार साझा किये।

प्रो. शाह मोहम्मद अब्बास वसीम और डॉ. नेमा उस्मान ने कार्यशाला के प्रभाव पर अपने अनुभवों से अवगत कराया। समापन सत्र में प्रो. सादिया सईद द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

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