अमुवि के प्रोफेसर नौशाद अली पी.एम. द्वारा सिक्किम अकादमी में मुख्य भाषण

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की बौद्धिक नेतृत्व क्षमता को महत्वपूर्ण मान्यता देते हुए, विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रोफेसर नौशाद अली पी.एम. ने सिक्किम अकादमी द्वारा आयोजित एकीकृत पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली पर 5 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्य भाषण दिया।
इस कार्यशाला में देशभर से पुस्तकालय विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन सिक्किम के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं संस्कृति विभाग के मंत्री जी.टी. धुंगेल ने किया, जबकि सिक्किम विधान सभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राज कुमारी थापा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
प्रो. अली के भाषण का मुख्य केंद्र बिंदु था बिब्लियोथेरेपी (पुस्तक चिकित्सा) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सूचना सेवाएं, जिन्हें उन्होंने पुस्तकालयों के भविष्य में समाहित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आज के पुस्तकालय केवल ज्ञान भंडार नहीं, बल्कि उपचार, अध्ययन और नवाचार के सजीव केंद्र हैं।
सिक्किम के राज्य बनने की स्वर्ण जयंती के अवसर पर, प्रो. अली ने वहां की जनता को बधाई दी और एक भविष्यवादी पहल ‘समर्थ सिक्किम’ के अंतर्गत स्मार्ट लाइब्रेरीज़ की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इन पुस्तकालयों को शिक्षा को सुदृढ़ करने, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और पर्यटन को समृद्ध करने में सहायक बताया, और सुझाव दिया कि इस पहल का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा राज्य स्थापना समारोह के तहत किया जाए।
प्रो. अली की भागीदारी ने न केवल एएमयू की अकादमिक पहुंच को संस्थान से बाहर तक फैलाया, बल्कि भारत में डिजिटल ज्ञान अवसंरचना पर चल रही राष्ट्रीय चर्चाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
