स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में जेएनएमसी की संगम सोसाइटी द्वारा पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की संगम समिति ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चिकित्सा संकाय के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए ‘समय के आर-पारः मेरे स्वतंत्रता सेनानी के नाम एक पत्र’ विषय पर पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित की।
संगम समिति चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद के मार्गदर्शन में कार्य कर रही है। विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. तबस्सुम नवाब इसके संयोजक हैं। समिति का उद्देश्य चिकित्सा विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से इतर गतिविधियों में भाग लेने के अवसर प्रदान करना तथा उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना है।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, रचनात्मकता, तार्किक सोच और नागरिक जागरूकता की भावना विकसित करना था। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों पर विचार करने तथा उन्हें वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, नागरिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता की प्रविष्टियों का मूल्यांकन शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की प्रो. संगीता सिंघल, फार्माकोलोजी विज्ञान विभाग के डॉ. जमील अहमद और एनेसथीसियोलोजी विभाग की डॉ. शाहना अली ने किया। सामुदायिक चिकित्सा विभाग की चिकित्सक डॉ. रिया दत्त ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। फायजा नोमान ने दूसरा तथा आयशा सिद्दीकी ने तीसरा पुरस्कार हासिल किया।
पुरस्कार वितरण समारोह 13 अगस्त को आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत डॉ. तबस्सुम नवाब के स्वागत भाषण से हुई। कार्यक्रम में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के तृतीय वर्ष के कनिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रतीक कुमार और तृतीय वर्ष की चिकित्सा छात्रा कैफरीन ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। द्वितीय वर्ष के चिकित्सा छात्र अरमान तारिक ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया, जबकि द्वितीय वर्ष की छात्रा वरिशा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
छात्र कल्याण के डीन प्रो. मोहम्मद अथर अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम को रचनात्मक और प्रेरणादायक बताया।
चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद ने व्यावसायिक शिक्षा के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपनी नागरिक जिम्मेदारियों को समझना और निभाना चाहिए तथा स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करनी चाहिए।
जेएनएमसी के प्रधानाचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अंजुम परवेज ने संगम समिति को कार्यक्रम के सफल आयोजन पर बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों में देशभक्ति और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर संगम समिति की डॉ. नेमा उस्मान, डॉ. शहना अली, डॉ. बुशरा सिद्दीकी, डॉ. मुराद, डॉ. समरीन जहीर, डॉ. हिबा सामी और डॉ. समीना अहमद सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
