जीवन में उद्देश्य और मानव कल्याण पर एएमयू के उन्नत महिला अध्ययन केंद्र द्वारा कार्यशाला आयोजित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उन्नत महिला अध्ययन केंद्र द्वारा केंद्र की 25वीं वर्षगांठ समारोह के तहत ‘जीवन में अर्थ की खोजः मानव कल्याण पर दार्शनिक चिंतन’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।
केंद्र की निदेशक प्रो. अजरा मूसवी ने कहा कि जीवन में उद्देश्य, आत्म-जागरूकता, सार्थक संबंध और व्यक्तिगत मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि ये तत्व व्यक्ति में कल्याण और जीवन के प्रति संतुष्टि की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। केंद्र की डॉ. तौसीफ फात्मा ने संवादात्मक सत्र का संचालन किया, जिसमें विद्यार्थियों को जीवन के उद्देश्य, खुशी और अपनी आकांक्षाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में स्टीव कट्स की फिल्म ‘हैप्पीनेस’ का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद वर्तमान समय में खुशी, उपभोग और भौतिक सफलता की अवधारणाओं पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने दयालुता, न्याय, करुणा, प्रेम, बुद्धिमत्ता और साहस जैसे छह मूल्यों पर आधारित समूह गतिविधि में भाग लिया तथा दैनिक जीवन में इन मूल्यों की प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. जैद अहमद सिद्दीकी ने जीवन में अर्थ की खोज के दार्शनिक और व्यावहारिक पक्षों पर विचारपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने विचारों, विकल्पों, संबंधों और मूल्यों पर चिंतन करने तथा यह समझने का आह्वान किया कि जीवन को सार्थक बनाने वाले तत्व क्या हैं। इसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया।
केंद्र के सहायक प्रोफेसर शीराज अहमद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
