जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर एवं शायर रहमान मुसव्विर ‘हंस ग़ज़ल सम्मान 2026’ से सम्मानित

प्रसिद्ध लेखक राजेंद्र यादव के स्मृति में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत दिए जाने वाले पुरस्कारों के अंतर्गत 2026 का हंस ग़ज़ल सम्मान जामिया मिलिया इस्लामिया के हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर रहमान मुसव्विर को प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान प्रसिद्ध शायर प्रो.शाहपर रसूल के हाथों दिया गया। इस अवसर पर प्रो.शाहपर रसूल ने मुसव्विर को सम्मान प्रदान करते समय कहा कि फ़न, जु़बान और मजमुई तआस्सुर के आधार पर इनकी ग़ज़ल वियोग, याद, नदामत और अंदरुनी बेचैनी को निहायत संतुलित और मुहज़्ज़ब लहजे में पेश करती है।
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के कमला देवी सभागार में सम्पन्न इस गरिमापूर्ण समारोह में साहित्य जगत के अनेक दिग्गज मौजूद थे। हंस संपादक संजय सहाय , हंसाक्षर की मुख्य ट्रस्टी रचना यादव, प्रख्यात आलोचक पुरुषोत्तम अग्रवाल, कवयित्री सुमन केसरी, कवि मदन कश्यप, लेखक प्रभात रंजन, शायर मुईन शादाब, शायर शाहिद अंजुम, कहानीकार राकेश बिहारी, कहानीकार अजय नावरिया, लेखिका मृदुला गर्ग, लेखिका गीताश्री, कवयित्री शोभा अक्षर और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।
मूल रूप से कैलाशपुर, सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले रहमान मुसव्विर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग में प्रोफ़ेसर है। सहारनपुर के इस्लामिया इंटर कालिज, महाराज सिंह कालिज, जे वी जैन कालिज से शिक्षा प्राप्त करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से “पाकिस्तानी उर्दू कथा साहित्य में भारतीय मिथक” विषय पर प्रो. असग़र वजाहत के निर्देशन पी एच. डी. की।
रहमान मुसव्विर हिंदी और उर्दू शायरी का प्रतिष्ठित नाम है। इन्होंने रेडियो, टीवी और फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट और गीत भी लिखे हैं। वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हिंदी – मंचों मंचों पर शायरी की लगातार प्रस्तुति देते रहते हैं। रहमान मुसव्विर को इससे पूर्व भी काव्य सुमन अलंकरण तथा नूरे – ग़ज़ल सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
