सरकार अल्पसंख्यक समुदायों सहित प्रत्येक वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए सबका साथ सबका विकास की नीति के अंतर्गत विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित कर रही है

नई दिल्ली : भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(1) एवं (2), 16(1) एवं (2), 25(1), 26, 28 और 29(2) अल्पसंख्यकों सहित भारतीय नागरिकों को स्वतंत्रता एवं भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करते हैं। अनुच्छेद 30(1), 30(1ए) और 30(2) विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। सबका साथ, सबका विकास की अपनी नीति के अंतर्गत सरकार ने छह (6) केंद्रीय अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों अर्थात मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई, जैन, पारसी और सिख, सहित प्रत्येक वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कीं, विशेष रूप से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों के लिए।

सरकार ने योजनाओं के तहत सभी योग्य लाभार्थियों को शामिल करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया। ऐसी कुछ योजनाओं का दायरा और सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सार्वभौमिक बनाने के लिए पुनर्गठित भी किया गया। सरकार के संतुष्ट विजन के अंतर्गत कई योजनाओं/घटकों को मुख्यधारा में शामिल किया गया है।

वर्तमान में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार ने अब विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों की जांच हेतु नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) जैसे विभिन्न जांच प्रणालियां/एजेंसियां स्थापित की हैं। डीएमईओ को भारत सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के क्रियान्वयन की सक्रिय निगरानी और मूल्यांकन करने का जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि उनके क्रियान्वयन और सेवाओं के वितरण के दायरे को मजबूत किया जा सके। नीति आयोग के डीएमईओ को सौंपा गया आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (ओओएमएफ) योजना के उद्देश्यों या ‘परिणामों’ की प्राप्ति के लिए मापन योग्य संकेतक प्रदान करने का प्रयास करता है।

इसके अतिरिक्त हिस्सा लेने वाले मंत्रालयों/विभागों ने अपनी-अपनी योजनाओं में अंतर्निहित जांच प्रणाली बनाई और वे नियमित रूप से अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति की जांच कर रही हैं।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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