एएमयू के बीएसजे हॉल ने नए छात्रों के लिए ‘सिनेक्ट’ पीयर मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू किया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बेगम सुल्तान जहां हॉल ने ‘सिनेक्ट’ नामक एक व्यवस्थित पीयर मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ छात्राओं के मार्गदर्शन और सहयोग के माध्यम से नवप्रवेशित छात्रों को हॉस्टल और विश्वविद्यालयी जीवन के अनुरूप ढलने में मदद करना है।
“टुगेदर वी गोः ब्रिजिंग द गैप बिटवीन सीनियर्स एंड जूनियर्स” के आदर्श वाक्य के साथ शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई छात्राओं को शैक्षणिक मार्गदर्शन, हॉस्टल जीवन में सहजता से ढलने और व्यक्तिगत विकास के लिए सहयोगपूर्ण एवं बिना किसी आलोचना के अपनी बात रखने का सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. मोहम्मद अतहर अंसारी ने हॉल की इस छात्र-केंद्रित पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रभावी मेंटरशिप छात्राओं को अपनी क्षमताओं और कमियों को पहचानने, सोच-समझकर निर्णय लेने तथा धीरे-धीरे शैक्षणिक और व्यक्तिगत चुनौतियों का स्वतंत्र रूप से सामना करने का आत्मविश्वास विकसित करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि सहयोगपूर्ण पीयर वातावरण छात्रों में अपनत्व की भावना को भी मजबूत कर सकता है और विश्वविद्यालयी जीवन में उनके बदलाव को अधिक सार्थक बना सकता है।
प्रो. अली जाफर आब्दी ने मेंटरशिप के व्यावहारिक पहलुओं को समझाते हुए इसे ट्यूटरिंग से अलग बताया। उन्होंने कहा कि जहां ट्यूटरिंग मुख्य रूप से शैक्षणिक सहायता प्रदान करती है, वहीं मेंटरशिप छात्राओं को अपने निर्णय स्वयं लेने, चुनौतियों का सामना करने और धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने सिनेक्ट को “सपोर्ट योरसेल्फ, नैविगेट, नर्चर, एम्पथाइज, कनेक्ट एंड ट्रस्ट” का संक्षिप्त रूप बताया तथा तैयार समाधान देने के बजाय विचारपूर्ण संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए सोक्रेटिक संवाद पद्धति के उपयोग पर प्रकाश डाला।
फैकल्टी ऑफ लॉ के प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने शैक्षणिक वातावरण में मेंटरशिप के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवप्रवेशित छात्राओं को विश्वविद्यालयी जीवन के अनुरूप ढलने में तनाव और कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है तथा मेंटरशिप और काउंसलिंग उन्हें शैक्षणिक, करियर और व्यक्तिगत मामलों में सहयोग प्रदान कर सकती है।
इससे पहले, बेगम सुल्तान जहां हॉल की प्रोवोस्ट प्रो. फातिमा खान ने मेंटरशिप की अवधारणा और इसके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ छात्रायें और हमारे आसपास के अन्य लोग अक्सर मार्गदर्शन और प्रेरणा के स्रोत बन सकते हैं तथा नए छात्रों का सहयोग करने वाला कोई व्यक्ति उनके लिए हॉस्टल और विश्वविद्यालयी जीवन में बदलाव को आसान बना सकता है।
प्रोवोस्ट, वार्डन्स और विशिष्ट अतिथियों ने ‘सिनेक्ट मेंटरशिप प्रोग्राम मैनुअल’ का विमोचन किया। इस मैनुअल में कार्यक्रम की रूपरेखा दी गई है और ऐसे सुरक्षित एवं बिना किसी आलोचना के वातावरण पर जोर दिया गया है, जहां मेंटी अपने मेंटर्स के साथ खुलकर संवाद कर सकें।
प्रोवोस्ट, वार्डन्स और सीनियर हॉल प्रतिनिधियों ने अतिथियों को सम्मानित किया। वार्डन डॉ. नाजिया हनीफ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
 

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