डीयू सीआईपीएस में हुई ‘द स्टोरी ऑफ़ इंडियाज़ पार्टिशन’ पुस्तक पर चर्चा

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंटर फ़ॉर इंडिपेंडेंस एंड पार्टिशन स्टडीज़ (सीआईपीएस) तथा ‘हेरिटेज: द हिस्ट्री एसोसिएशन, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज’ के संयुक्त तत्त्वावधान में “द स्टोरी ऑफ़ इंडियाज़ पार्टिशन” पुस्तक पर एक पुस्तक चर्चा आयोजित की गई। इस पुस्तक का लेखन जाने माने इतिहास विशेषज्ञ प्रो. राघवेंद्र तंवर द्वारा किया गया है। आईक्यूएसी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के आरंभ में जेडीएमसी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. स्वाति पाल ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर सीआईपीएस के निदेशक प्रो. रविंदर कुमार ने प्रारम्भिक टिप्पणी प्रस्तुत की। सत्र की अध्यक्षता प्रो. रवि प्रकाश टेकचंदानी ने की और प्रो. अमृत कौर बसरा चर्चा-संवाद की विशेषज्ञ रहीं।

प्रो. टेकचंदानी ने अपने संबोधन के दौरान पुस्तक के संदर्भ से रेखांकित किया कि विभाजन का इतिहास आज भी क्यों प्रासंगिक है। उन्होंने श्रोताओं का ध्यान उन नए शोध प्रश्नों की ओर भी आकर्षित किया जिन्हें इतिहासकार आगे लेकर चल सकते हैं। उन्होंने विभाजन के दौरान हुई भीषण हत्याओं और सांप्रदायिक दंगों को भी रेखांकित किया। चर्चा-संवाद विशेषज्ञ प्रो. बसरा ने पुस्तक का अत्यंत सम्यक और गहन पाठ प्रस्तुत किया। उन्होंने श्रोताओं को यह समझने में मदद की कि विभाजन के दौरान कैसे, कब और क्या-क्या घटित हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विस्थापन और पलायन किस प्रकार हुआ तथा इस समूची प्रक्रिया में स्त्रियाँ किस तरह उसकी सबसे बड़ी पीड़ित बनीं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सबाल्टर्न स्टडीज में इन इतिहासों को भी समुचित स्थान दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम का समापन प्रो. ज्योति त्रेहन शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी वक्ताओं और संयोजकों का प्रभावशाली शब्दों में आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभाजन बचे-खुचे (जीवित) बचे लोगों के जीवन पर केंद्रित एक भावनात्मक टिप्पणी के साथ श्रोताओं को गहराई से उद्वेलित किया।

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