जीवित साहित्यिक विभूतियों के नाम पर पुरस्कार शुरू; ‘वसीम बरेलवी युवा कवि सम्मान’ की घोषणा
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिव ने 'भारतीय भाषाओं के अन्य जीवित साहित्यिक विभूतियों के नाम पर भी करेंगे पुरस्कार

अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल (एएलएफ) ने देश की जीवित साहित्यिक विभूतियों के नाम पर वार्षिक साहित्यिक पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य एक ओर युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करना है, वहीं दूसरी ओर अपने जीवनकाल में ही वरिष्ठ साहित्यकारों के योगदान का सम्मान करना भी है।
इस श्रृंखला के पहले सम्मान के रूप में प्रख्यात उर्दू शायर प्रो. वसीम बरेलवी के नाम पर ‘वसीम बरेलवी युवा कवि सम्मान’ स्थापित किया गया है। इस सम्मान के अंतर्गत चयनित युवा कवि को ₹51,000 की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति-पत्र तथा सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार मौलिकता और उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के आधार पर दिया जाएगा।
एएलएफ के प्रबंध न्यासी प्रो. जसीम मोहम्मद ने बताया कि विभिन्न भारतीय भाषाओं के प्रतिष्ठित जीवित साहित्यकारों के नाम पर भी इसी प्रकार के वार्षिक पुरस्कार शुरू किए जाएंगे। जिसमें अशोक बाजपेयी, रोस्किन बॉन्ड, गुलज़ार साहब, कुमार विश्वास, जावेद अख़्तर संबंधित साहित्यकारों, लेखकों और कवियों की सहमति प्राप्त होने के बाद इन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।
प्रो जसीम मोहम्मद ने कहा कि, भारत की परंपरा अनुसार अक्सर महान साहित्यकारों का सम्मान उनके निधन के बाद किया जाता है, जबकि एएलएफ का प्रयास है कि समाज अपने साहित्यिक नायकों के प्रति कृतज्ञता उनके जीवनकाल में ही व्यक्त करे। इससे युवा रचनाकारों को भी ऐसे साहित्यकारों के कार्यों से प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
एएलएफ की न्यासीगण प्रो. दिव्या तनवर एवं डॉक्टर दौलत राम शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि, यह पहल उभरती साहित्यिक प्रतिभाओं को समकालीन साहित्यिक दिग्गजों की विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। इससे भारतीय भाषाओं में मौलिक लेखन, रचनात्मकता और साहित्यिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की रुचि को बढ़ावा मिलेगा।
एएलएफ के न्यासी जावेद रहमानी ने बताया कि दिसंबर 2026 में अलीगढ़ में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल में देशभर के लेखक, कवि, साहित्यकार, विद्वान, प्रकाशक, कलाकार और पाठक शामिल होंगे। महोत्सव में साहित्यिक परिचर्चाएं, पुस्तक लोकार्पण, कवि सम्मेलन, कार्यशालाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे उत्तर प्रदेश की जनपद अलीगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य और सांस्कृतिक संवाद का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।
