एएमयू की शिक्षिकाओं ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लिया


नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष प्रो. समीना खान और वाणिज्य विभाग से समिति की सदस्य प्रो. आसिया चैधरी ने हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लिया। यह कार्यशाला सुंदर देवी एजुकेशन स्किल एंड ट्रेनिंग फाउंडेशन के सहयोग से और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी।
इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु जागरूकता और संस्थागत दक्षता का विकास करना था। यह कानून कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने और एक सुरक्षित, गरिमामय वातावरण सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
एएमयू का प्रतिनिधित्व करते हुए दोनों प्राध्यापकाओं ने कानूनी प्रावधानों, संस्थागत जिम्मेदारियों, शिकायत निवारण प्रक्रिया और डिजिटल कार्यस्थलों जैसी उभरती चुनौतियों पर आयोजित संवाद सत्रों में सक्रिय भागीदारी की। विधि विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा संचालित इंटरएक्टिव सत्रों में जेंडर सेंसिटाइजेशन और क्षमता विकास रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।
प्रो. समीना खान ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आईसीसी सदस्यों की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाती हैं और संस्थागत तंत्र में विश्वास को मजबूत करती हैं। उन्होंने एएमयू की यौन उत्पीड़न के प्रति शून्य सहनशीलता नीति और सुरक्षित तथा समावेशी शैक्षणिक वातावरण की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रो. आसिया चैधरी ने एएमयू में पोश के क्रियान्वयन से जुड़ी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और अनुभवों को साझा किया, जिससे प्रतिभागियों के बीच सार्थक विचार-विमर्श को बढ़ावा मिला।
कार्यशाला का समापन प्रतिभागिता प्रमाणपत्रों के वितरण और देशभर में आईसीसी प्रशिक्षण पहलों को जारी रखने की शपथ के साथ हुआ।
