आरएमपीएस एएमयू सिटी स्कूल ने शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रो. विभा शर्मा को किया सम्मानित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के राजा महेंद्र प्रताप सिंह (आरएमपीएस) एएमयू सिटी स्कूल द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर एएमयू के अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर और जनसंपर्क कार्यालय की मेंबर इंचार्ज प्रो. विभा शर्मा को उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित किए जाने पर उनका अभिनंदन किया गया। यह सम्मान समारोह इसलिए भी विशेष रहा कि प्रो. शर्मा को पिछले वर्ष शिक्षक दिवस पर प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए एक वर्ष पूरा हो गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एएमयू के भाषाविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम. जहांगीर वारसी ने की। उर्दू कवि सैयद मुशर्रफ हुसैन महजर और पेशे से इंजीनियर इ. राहत सुल्तान इस्राइली विशिष्ट अतिथि थे। दोनों आरएमपीएस एएमयू सिटी स्कूल के पूर्व छात्र हैं।

शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. शर्मा ने कहा कि स्कूल शिक्षक विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी शिक्षा, चरित्र निर्माण और भविष्य के लिए पूरी लगन से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार उनका व्यक्तिगत पुरस्कार नहीं, बल्कि एएमयू के पूरे शिक्षक समुदाय के योगदान का सम्मान है।

उन्होंने आरएमपीएस एएमयू सिटी स्कूल की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी पहलों की सराहना की तथा विद्यार्थियों से तकनीक का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “एआई कभी शिक्षक की जगह नहीं ले सकता। शिक्षक आपका मार्गदर्शक है और एआई आपका सेवक है।”

सैयद मुशर्रफ हुसैन महजर ने संस्थान के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि शिक्षकों द्वारा दिए गए संस्कार और मार्गदर्शन विद्यार्थियों के मन पर लंबे समय तक प्रभाव छोड़ते हैं। उन्होंने प्रो. शर्मा को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने, मेहनत करने तथा सीखने और अच्छे चरित्र के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर इ. राहत सुल्तान इस्राइली ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे आज जिस मेहनत और लगन से काम करेंगे, वही कल उनके बेहतर भविष्य का निर्माण करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत करने, आगे बढ़ने और अपने स्कूल तथा देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. एम. जहांगीर वारसी ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विश्वास, सम्मान और संवाद अच्छी शिक्षा की बुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने एएमयू को गौरवान्वित करने और एक नई पहचान दिलाने के लिए प्रो. शर्मा को बधाई दी।

प्रधानाचार्य डॉ. मोहम्मद फैयाजुद्दीन ने अतिथियों का स्वागत किया और शिक्षक दिवस के महत्व तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का हमेशा सम्मान करने का आग्रह किया, जो उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में मार्गदर्शन करते हैं।

इस अवसर पर सीनियर पीजीटी श्री ए. एम. इब्राहिम अंसारी के शैक्षणिक योगदान को भी सम्मानित किया गया। राजस्थान के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SIERT) द्वारा प्रकाशित विज्ञान की एक पाठ्यपुस्तक, जिसमें भौतिकी विशेषज्ञ के रूप में उनके योगदान को शामिल किया गया है, कार्यक्रम में प्रस्तुत की गई। स्कूल ने बताया कि एएमयू के इतिहास में यह दूसरा अवसर है जब किसी एएमयू शिक्षक का नाम एनसीईआरटी/एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में शामिल हुआ है। इससे पहले 1970 के दशक के अंत में प्रो. इजहार हुसैन का नाम एनसीईआरटी की गणित की पाठ्यपुस्तकों में शामिल हुआ था। श्री अंसारी 2016 से आईबी कार्डिफ के साथ डिप्लोमा परीक्षक और टीम लीडर के रूप में भी जुड़े हुए हैं।

इस अवसर पर आरएमपीएस स्कूल  के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का संचालन सैयद अतीकुर रहीम ने किया, जबकि उप-प्रधानाचार्य डॉ. शाहिद जलील ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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