एएमयू की विभिन्न इकाइयों में विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत सफाई, पौधारोपण और कचरा प्रबंधन गतिविधियां आयोजित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, कॉलेजों, कार्यालयों, केंद्रों और विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत सफाई अभियान, पौधारोपण, कचरा प्रबंधन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों का बेहतर उपयोग, सरकारी अभिलेखों का व्यवस्थित प्रबंधन और सफाई कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देना रहा।
वनस्पति विज्ञान विभाग ने वनस्पति उद्यान में सफाई अभियान चलाया और ट्यूलिप वृक्ष तथा अरबी बबूल के पौधे लगाए। विभागाध्यक्ष प्रो. अबरार अहमद खान, शिक्षकों और एम.एससी. के विद्यार्थियों ने गतिविधियों में भाग लिया। विभाग परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में योगदान के लिए सफाई मित्र राकेश को भी सम्मानित किया गया।
यूनानी चिकित्सा संकाय के तशरीह व मनाफेउल आजा विभाग ने “स्वच्छ परिसर, कुशल कार्यालय और हरित एएमयू” विषय के तहत सफाई मित्रों के सम्मान में समारोह आयोजित किया। डॉ. सबा जैदी के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में परिसर को स्वच्छ और स्वास्थ्यकर बनाए रखने में सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा गया। विभागाध्यक्ष कैप्टन प्रो. फारूक अहमद डार ने कहा कि स्वच्छता सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. आयशा एजाज, डॉ. हाफिज इक्तिदार अहमद और डॉ. अतिया समद के साथ परास्नातक शोधार्थियों तथा कार्यालय कर्मचारियों ने भाग लिया।
यूनानी चिकित्सा संकाय के तहफ्फुजी व समाजी तिब विभाग में परास्नातक प्रयोगशालाओं, संगोष्ठी कक्ष और कार्यालय परिसर में सफाई अभियान चलाया गया। ‘कचरे से कला’ गतिविधि के तहत परास्नातक शोधार्थियों ने पुराने अखबारों, गत्ते, प्लास्टिक की बोतलों और टूटे कांच के बर्तनों से कलमदान, फूलदान और सजावटी वस्तुएं तैयार कीं। पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जिनमें सीपीयू, प्रिंटर, की-बोर्ड और माउस शामिल हैं, की पहचान कर उन्हें उचित निस्तारण के लिए अलग किया गया।
विभाग ने एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से बचने, स्टील या कांच की बोतलों तथा कपड़े के थैलों का उपयोग करने, कचरे को अलग-अलग रखने, डिजिटल अभिलेख तैयार करने और पौधारोपण को भी प्रोत्साहित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. रूबी अंजुम ने डॉ. अम्मार इब्ने अनवर, डॉ. अब्दुल अजीज खान, परास्नातक विद्यार्थियों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भागीदारी की सराहना की।
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने अपने दो स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्रों पर अभियान में भाग लिया। शहरी स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केंद्र में गतिविधियों का समन्वय केंद्र के प्रभारी और सह-प्राध्यापक डॉ. अली जाफर आब्दी ने विभागाध्यक्ष प्रो. उजमा इरम के मार्गदर्शन में किया।
इस दौरान डॉ. दानिश कमाल, डॉ. शाइस्ता परवीन, डॉ. रिया, डॉ. मुबाह और डॉ. शिवानी चतुर्वेदी ने माली मेहराज तथा अन्य सहयोगी कर्मचारियों के साथ पौधारोपण किया। डॉ. दानिश कमाल ने वायु गुणवत्ता सुधारने, गर्मी कम करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और सामुदायिक स्वास्थ्य की रक्षा में पेड़ों की भूमिका पर प्रकाश डाला। केंद्र में चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने सफाई कर्मचारियों के साथ सफाई अभियान भी चलाया, जिसका नेतृत्व सफाई कर्मचारी अर्जुन ने किया। बेहतर भंडारण और जरूरत के समय अभिलेख आसानी से उपलब्ध कराने के लिए केंद्र के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई, उन्हें व्यवस्थित किया गया और पुराने दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए पैक किया गया।
विभाग ने प्रो. उजमा इरम के मार्गदर्शन तथा डॉ. तबस्सुम नवाब, डॉ. इरम आबिद और डॉ. सैयद सोहैब हाशमी की देखरेख में जवां स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में भी सफाई और पौधारोपण गतिविधियां आयोजित कीं। मरीजों की देखभाल वाले क्षेत्रों, कार्यस्थलों और आसपास के परिसर की सफाई कर उन्हें व्यवस्थित किया गया। अनावश्यक सामान हटाया गया और स्वास्थ्य केंद्र के वातावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाने के लिए पौधे लगाए गए।
व्यवसाय प्रशासन विभाग ने फ्रैंक एंड डेबी इस्लाम प्रबंधन परिसर में स्वच्छता शपथ, सफाई अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें एमबीए, एमबीए (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार), एमबीए (इस्लामी बैंकिंग एवं वित्त) और एमबीए (स्वास्थ्य प्रशासन) के विद्यार्थियों ने शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ भाग लिया। प्रबंधन अध्ययन एवं अनुसंधान संकाय के डीन प्रो. नवेद खान और व्यवसाय प्रशासन विभाग की अध्यक्ष प्रो. सलमा अहमद भी गतिविधियों में शामिल हुयीं।
डॉ. राशिद अंसारी, डॉ. जुहैब अहमद और अन्य समिति सदस्यों ने अभियान का समन्वय किया। उन्होंने जमा कचरे, प्लास्टिक की बोतलों, डिब्बों और अन्य अनुपयोगी वस्तुओं को एकत्र करने के लिए दस्ताने और थैले वितरित किए।
डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कालिज में सफाई अभियान चलाया गया, पौधारोपण किया गया और विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा मरीजों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हाथों की सफाई से संबंधित पोस्टर लगाए गए। जैव-चिकित्सकीय कचरे को उचित तरीके से अलग करने और सुरक्षित निस्तारण के लिए निर्धारित कूड़ेदान स्थापित किए गए। संस्थागत जवाबदेही और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्यालय आदेश संख्या 905/पीओ/डीसी/26 के तहत जनशिकायत निवारण समिति का भी गठन किया गया।
प्रधानाचार्य प्रो. काजी एहसान अली के मार्गदर्शन में पैरामेडिकल कॉलेज ने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पौधारोपण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित कीं। इनका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना और परिसर को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर बनाए रखना था।
कौशल विकास एवं करियर नियोजन केंद्र ने वीमेन्स कॉलेज सभागार के सामने कपड़े के थैलों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया। इसमें केंद्र के परिधान निर्माण पाठ्यक्रम के प्रशिक्षुओं द्वारा प्रशिक्षिका सनोवर के मार्गदर्शन में सिले और रंगे गए थैले प्रदर्शित किए गए। केंद्र की निदेशक प्रो. शगुफ्ता इम्तियाज ने विद्यार्थियों को दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले कपड़े के थैले अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में व्यावसायिक कौशल की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। वीमेन्स कॉलेज की डॉ. फौजिया नौशीन और अन्य शिक्षकों ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।
कपड़े के थैले बनाने की प्रतियोगिता में मनीषा अग्रवाल ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि शाजिया बेगम दूसरे और माहेनूर तीसरे स्थान पर रहीं। ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रतियोगिता में यास्फीन खालिद ने प्रथम स्थान हासिल किया। अकसा मुफीद और इकरा शमशाद ने क्रमशः दूसरा और तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया।
जनसंपर्क कार्यालय ने कचरा प्रबंधन और संसाधनों के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए। अनुपयोगी कंप्यूटर उपकरणों, जिनमें की-बोर्ड, माउस, यूपीएस और अन्य पुर्जे शामिल हैं, की पहचान कर उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था की गई। भंडारण की जगह खाली करने के लिए लगभग चार क्विंटल पुराने अखबारों का निस्तारण किया गया। कार्यालय ने पहले इस्तेमाल किए जा चुके ए4 आकार के कागजों के खाली पिछले हिस्से का छपाई के लिए दोबारा उपयोग शुरू किया और पानी की बोतलों सहित एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक वस्तुओं को हटाया।
इस अवसर पर सफाई मित्र सलोनी को जनसंपर्क कार्यालय की सदस्य प्रभारी प्रो. विभा शर्मा ने शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जनसंपर्क अधिकारी उमर एस. पीरजादा और कार्यालय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रौढ़ शिक्षा एवं विस्तार केंद्र में भी विशेष अभियान 6.0 के तहत गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें शिक्षार्थियों, केंद्र के निदेशक प्रो. शमीम अख्तर और कर्मचारियों ने भाग लिया।
एएमयू किशनगंज केंद्र में परिसर की सफाई, पौधारोपण, कचरा प्रबंधन और उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने इसमें भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य परिसर में स्वच्छता बढ़ाना, हरियाली को प्रोत्साहित करना और संस्थागत स्थानों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना था।
एएमयू एबीके हाई स्कूल (गल्र्स) में विशेष सभा आयोजित की गई, जिसमें भाषण, कविता और लघु नाटक के माध्यम से विभिन्न व्यावसायिक तथा सामाजिक परिस्थितियों में स्वच्छता के महत्व को बताया गया। प्राथमिक और वरिष्ठ वर्गों में पौधारोपण अभियान चलाए गए। विद्यार्थियों ने अपनी कक्षाओं और विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने के विषय पर लेखन गतिविधियों में भी भाग लिया।
विद्यालय समन्वयक डॉ. फरहत परवीन ने विद्यार्थियों की भागीदारी और सभा की प्रभारी हिना परवीन तथा सिम्मी शाहिद के प्रयासों की सराहना की। प्रधानाध्यापिका सह उपप्रधानाचार्य डॉ. सबा हसन ने सफाई अभियान की निगरानी की और विद्यार्थियों को विद्यालय, घर तथा सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
एएमयू गर्ल्स स्कूल में कार्यालयों, कक्षाओं और भंडार कक्षों की सफाई तथा स्थान प्रबंधन से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के तहत सफाई मित्रों के योगदान को सम्मान देने, कार्यालयों को व्यवस्थित करने, लंबित पत्रों और संदर्भों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा हरित क्षेत्रों का रखरखाव करने पर भी ध्यान दिया गया। ये गतिविधियां प्रधानाचार्य आमना मलिक और उपप्रधानाचार्य अलका अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित की गईं। अर्शी सलीम और नुसरत परवीन ने इनके समन्वय में योगदान दिया।
अब्दुल्ला स्कूल में कक्षाओं, खेल के मैदान और अन्य क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने अपनी कक्षाओं की सफाई में भाग लिया। पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पौधारोपण भी किया गया। विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर उसे व्यवस्थित किया गया और अनावश्यक सामान हटाया गया। पुरानी तथा अनुपयोगी फाइलों की समीक्षा कर निर्धारित अभिलेख-संरक्षण नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई।
अधीक्षक उमरा जहीर की देखरेख में सुबह की सभाओं और दैनिक गतिविधियों के माध्यम से नियमित रूप से स्वच्छता का संदेश दिया जाता है। सफाई मित्रों को उनकी सेवाओं के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
ये पहल विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत एएमयू के स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता, कचरे के जिम्मेदार निस्तारण, संस्थागत संसाधनों के बेहतर उपयोग और सफाई कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।
