एएमयू लिटरेरी फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ, उद्घाटन समारोह आयोजित

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय लिटरेरी फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ आज कल्चरल एजुकेशन सेंटर (सीईसी) के कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जिसमें शिक्षाविदों, छात्रों और साहित्य प्रेमियों ने शिरकत की।
मुख्य अतिथि प्रो-वाइस चांसलर प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान तथा मानद अतिथि के रूप में डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. मोहम्मद अतहर अंसारी शामिल हुए। इस अवसर पर सीईसी के समन्वयक प्रो. मोहम्मद रिजवान खान, यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एंड लिटरेरी क्लब (यूडीएलसी) के अध्यक्ष डॉ. मंसूर आलम सिद्दीकी, मेंटर डॉ. गुफरान अहमद तथा अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने कल्चरल एजुकेशन सेंटर की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश डाला और अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए कहा कि सीईसी द्वारा प्रदान किया गया प्रशिक्षण और बौद्धिक मार्गदर्शन व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों से जुड़े छात्र आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच और प्रभावी संवाद कौशल विकसित करते हैं, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाते हैं। उन्होंने एएमयू की गरिमा और विरासत को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए छात्रों से इसके मूल्यों चिंतन और पारस्परिक सम्मान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रो. मोहम्मद अथर अंसारी ने साहित्यिक उत्सवों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बौद्धिक विकास और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि ये मंच छात्रों में संवाद, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे परिसर का शैक्षणिक वातावरण समृद्ध होता है।
प्रो. मोहम्मद रिजवान खान ने इस उत्सव को “साहित्यिक अभिव्यक्तियों और सार्थक संवाद का उत्सव” बताते हुए कहा कि सीईसी विचारों, बहस और बौद्धिक सहभागिता के लिए एक सक्रिय मंच बना हुआ है। उन्होंने छात्रों से सक्रिय भागीदारी, खुले मन से सुनने और विचारपूर्ण संवाद की संस्कृति को विकसित करने का आग्रह किया।
डॉ. मंसूर आलम सिद्दीकी ने उत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सार्थक बौद्धिक सहभागिता के लिए मंच तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि डॉ. गुफरान अहमद ने अल्लामा इकबाल के विचारों का उल्लेख करते हुए वर्तमान समय में सुनने और प्रभावी संवाद के महत्व को रेखांकित किया।
इससे पूर्व यूडीएलसी के सचिव सैयद फहीम अहमद ने स्वागत भाषण देते हुए उत्सव को छात्रों की अभिव्यक्ति और बौद्धिक सहभागिता के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में प्रस्तुत किया।
उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण “प्री-लिटलेटर” नामक फेस्टिवल न्यूजलेटर का विमोचन रहा, जिसका संपादन आलिया अकबर, राहत उल ऐन और जैनब फायजा इस्लाम ने किया।
कार्यक्रम का समापन आमना आसिम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
यह उत्सव अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रम, चर्चाएं और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

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