सामासिक संस्कृति-संपृक्त भारत की विविध भाषाओं में एक ही भाव प्रवाहित होता है- प्रो. शंभुनाथ तिवारी
नई दिल्ली : भारतवर्ष बहुभाषिकता एवं सामासिक संस्कृति का सम्मान करनेवाला विविधताओं से भरा हुआ देश है। मिले-जुले परिवेश एवं सामासिकता की भावना के कारण हिंदुस्तान की संस्कृति बहुलतावादी संस्कृति के रूप में जानी-पहचानी जाती है! हमारी सामाजिक…
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