एएमयू के शिक्षक ने केरल में आयोजित शैक्षणिक संगोष्ठी में शोध पत्र प्रस्तुत किया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. नदीम अशरफ ने केरल के इमाम रब्बानी कॉलेज, कंथापुरम में आयोजित ‘इत्रत’ शैक्षणिक संगोष्ठी में ऑनलाइन विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। इसका आयोजन अहदल सादात चेयर फॉर द स्टडी ऑफ डायस्पोरिक सादात्स एंड इस्लामिक सिविलाइजेशन ने किया।
संगोष्ठी का विषय ‘वंशावली, प्रवास और धार्मिक प्राधिकाररू अहदल सादात प्रवासी समुदाय का इतिहास, योगदान, विरासत और सेवाएं’ था।
डॉ. अशरफ ने ‘केरल में अहल-ए-सादात का प्रवास और उनका शैक्षणिक एवं धार्मिक योगदान’ शीर्षक से शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने केरल में उनके प्रवास, वंशावली संबंधी पहचान तथा क्षेत्र के धार्मिक, बौद्धिक और सामाजिक जीवन में उनके योगदान का विश्लेषण किया। उन्होंने केरल और अरब जगत के ऐतिहासिक संबंधों पर भी चर्चा की और मालाबार में इस्लाम के विकास में समुद्री व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा विद्वानों के आवागमन की भूमिका को रेखांकित किया।
प्रमाण आधारित ऐतिहासिक शोध के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने वंशावली अभिलेखों, पांडुलिपियों, पारिवारिक दस्तावेजों और मौखिक परंपराओं के व्यवस्थित अध्ययन एवं संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने इस महत्वपूर्ण विरासत को सुरक्षित रखने के लिए ऐतिहासिक सामग्री के डिजिटलीकरण और विशेष शोध अभिलेखागार स्थापित करने पर भी जोर दिया।
