केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री महामहिम श्री फिलिप बैपटिस्ट के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की

माननीय मंत्रियों ने शैक्षणिक गतिशीलता, संस्थागत संबंधों, अनुसंधान सहयोग, नवाचार और सहयोग के उभरते क्षेत्रों पर चर्चा की

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज नई दिल्ली में फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री महामहिम फिलिप बैपटिस्ट के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, शैक्षणिक गतिशीलता और संस्थागत साझेदारी के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।फ्रांस  के मंत्री फिलिप बैपटिस्ट और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए श्री प्रल्हाद जोशी ने भारत और फ्रांस की दीर्घकालिक साझेदारी का उल्लेख किया और इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने का एक उपयुक्त अवसर प्रदान करता है।श्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के नीस शहर में भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन समारोह की मेजबानी में सहयोग देने के लिए फ्रांस सरकार का आभार भी व्यक्त किया । भारत इनोवेट्स मंच ने भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच के समक्ष अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया और शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच व्यापक सहयोग को बढ़ावा दिया।

इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संभावित सहयोगों पर विचार-विमर्श किया। इसमें संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करना, छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं की आवाजाही और सहयोगात्मक शैक्षणिक कार्यक्रमों और आदान-प्रदान के अवसरों का विस्तार करना शामिल था। उन्होंने जीवन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी के क्षेत्र में भी अधिक सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया, जिसमें संस्थागत अंतःक्रिया, सहयोगात्मक शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान पर विशेष बल दिया गया।

दोनों देशों के मंत्रियों ने अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान साझेदारी को  बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया और मौजूदा संस्थागत सहयोग को मजबूत करने तथा संयुक्त शैक्षणिक एवं अनुसंधान पहलों के लिए नए रास्ते बनाने के अवसरों पर चर्चा की। फ्रांसीसी उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत में शाखा परिसर खोलने के लिए आमंत्रित किया गया, जिनमें गुजरात का गिफ्ट सिटी और वे स्थान भी शामिल हैं जहां फ्रांसीसी कंपनियां स्थित हैं और जिन्हें तकनीकी मानव संसाधनों की आवश्यकता है।

दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के महत्व को स्वीकार करते हुए भाषा अधिगम और शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने, शैक्षणिक विशेषज्ञता साझा करने और प्रौद्योगिकी-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। इस चर्चा में भारत और फ्रांस के बीच पारस्परिक योग्यता मान्यता (एमआरक्यू) समझौते के  संशोधन, डिजिटल शिक्षा में अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने जैसे विषय भी शामिल थे।

दोनों पक्षों द्वारा शिक्षा, उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, अकादमिक गतिशीलता, भाषा शिक्षा और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि के साथ बैठक का समापन हुआ।

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