एएमयू और इब्ने सीना अकादमी ने अंतरराष्ट्रीय ओवरडोज जागरूकता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम के सहयोग से अलीगढ़ स्थित इब्ने सीना अकादमी के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडी इन फार्माकोलॉजी ने अंतर्राष्ट्रीय ओवरडोज जागरूकता दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में छात्र सहायता समूह फॉर एजुकेशन से जुड़े चिकित्सकीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य दवाओं की अधिक मात्रा के सेवन, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और नशे की लत के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा रोकथाम, समय पर पहचान, उचित उपचार, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को समझाना था।
प्रो. सैयद जियाउर रहमान ने प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय ओवरडोज जागरूकता दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दिवस हर वर्ष 31 अगस्त को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य दवाओं की अधिक मात्रा के सेवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नशीली दवाओं पर निर्भरता से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करना, ओवरडोज के कारण जान गंवाने वाले लोगों को याद करना तथा रोकथाम और उपचार के वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि ओवरडोज केवल व्यक्तिगत या चिकित्सकीय समस्या नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर जनस्वास्थ्य और सामाजिक समस्या है। इसके समाधान के लिए स्वास्थ्यकर्मियों, शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों, समुदायों और नीति निर्माताओं के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने नशे की समस्या को कलंक और भेदभाव के बजाय स्वास्थ्य संबंधी समस्या के रूप में देखने तथा प्रभावित लोगों को सहानुभूति, उचित उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
प्रो. रहमान ने फार्माकोलॉजी विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज, इब्ने सीना अकादमी और संबंधित संस्थाओं द्वारा नशा मुक्ति, नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम तथा जागरूकता के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों का भी उल्लेख किया।
क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र के सहयोग की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी और उनकी सूचना देना दवाओं के सुरक्षित और उचित उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों से संदिग्ध प्रतिकूल प्रभावों की समय पर सूचना देने के महत्व को समझने और दवा सुरक्षा में योगदान देने का आह्वान किया।
छात्र सहायता समूह के विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयाम प्रदान किया। इससे विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के वैज्ञानिक और सामाजिक प्रभावों को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अंतर्राष्ट्रीय ओवरडोज जागरूकता दिवस के प्रतीक रिबन बैज पहनकर ओवरडोज के प्रति जागरूकता, स्मरण और रोकथाम के अभियान के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
