एएमयू के छात्रों ने सिंगापुर में प्रतिष्ठित एशियन अंडरग्रेजुएट संगोष्ठी में भारत का प्रतिनिधित्व किया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आठ विद्यार्थियों ने सिंगापुर में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर और आसियान यूनिवर्सिटी नेटवर्क द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित प्रतिष्ठित एशियन अंडरग्रेजुएट सिम्पोजियम (एयूएस) 2026 में विश्वविद्यालय और भारत का प्रतिनिधित्व किया।
‘कम्युनिटीज इन एक्शन’ विषय पर आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारत, सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन सहित एशिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों के लगभग 300 स्नातक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विचार-विमर्श और अंतर-सांस्कृतिक संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने सतत विकास, विरासत संरक्षण, समावेशिता तथा सामुदायिक सुदृढ़ता से जुड़े विषयों पर नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए।
एएमयू के प्रतिनिधिमंडल में अब्दुल्ला जैदी और मोहम्मद अमान (बी.टेक. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), सैयद मुनीर हुसैन काजमी (बी.टेक. कंप्यूटर साइंस), रितेश शर्मा (बी.टेक. ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग), मरियम हाशमी और मोहम्मद कासिम (बी.एससी. सांख्यिकी), अनस पोक्कोडन (बी.ए. समाजशास्त्र) तथा वर्षा माथुर (बी.ए. अंग्रेजी) शामिल थे।
संगोष्ठी में एएमयू के लिए विशेष उपलब्धि यह रही कि शीर्ष 30 परियोजना प्रस्तावों में चयनित भारत की केवल तीन टीमों में से दो टीमें एएमयू की थीं।
पहली परियोजना ‘सेफ स्ट्रेज’ का नेतृत्व रितेश शर्मा ने किया, जिसमें अब्दुल्ला जैदी, मरियम हाशमी और वर्षा माथुर शामिल थीं। इस परियोजना में पशुओं और वाहनों की टक्कर की घटनाओं को कम करने के लिए सामुदायिक भागीदारी पर आधारित रणनीति प्रस्तुत की गई। दूसरी परियोजना ‘अन्वेषा’ का नेतृत्व मोहम्मद अमान ने किया, जिसमें अनस पोक्कोडन और मोहम्मद कासिम शामिल थे। इस परियोजना में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक सांझी कला के संरक्षण के लिए शिल्पकारों, समुदायों, गैर-सरकारी संगठनों और युवा स्वयंसेवकों को जोड़ने वाला एक डिजिटल मंच प्रस्तावित किया गया। सैयद मुनीर हुसैन काजमी ने भी एक अन्य टीम के साथ योगदान दिया, जिसकी परियोजना का प्रदर्शन संगोष्ठी के समापन समारोह में किया गया।
‘सेफ स्ट्रेज’ और ‘अन्वेषा’ दोनों परियोजनियां अगले चरण के मूल्यांकन के लिए चयनित हुई हैं। चयनित टीमें जुलाई के अंत तक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगी, जिसके बाद अधिकतम 15 परियोजनाओं को उनके क्रियान्वयन के लिए 5 हजार सिंगापुर डॉलर का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एम. अतहर अंसारी ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए एएमयू एलुमनाई एसोसिएशन ऑफ सिंगापुर, विशेष रूप से जॉर्ज अब्राहम और सैयद जिया हैदर द्वारा कार्यक्रम के दौरान प्रदान किए गए सहयोग, आतिथ्य और मार्गदर्शन की सराहना की।
