नशा मुक्ति दिवस पर जेएन मेडिकल के मनोरोग विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

अलीगढ़, मोहम्मद कामरान : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के मनोरोग विभाग ने शरीर क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विभाग के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा मुक्त समाज के निर्माण तथा विद्यार्थियों और युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ फिजियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनवर हसन सिद्दीकी के उद्घाटन संबोधन से हुआ। चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद तथा जेएनएमसी के प्राचार्य प्रो. अंजुम परवेज ने मादक पदार्थों की लत को गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बताते हुए इसके प्रति जागरूकता और रोकथाम में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
मनोरोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद रियाजुद्दीन ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम विषय पर व्याख्यान देते हुए तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, उचित उपचार और विशेषज्ञों की देखरेख से नशे की लत पर प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकता है।
इस अवसर पर स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रतियोगिता में कक्षा छह की छात्रा साइमा इकबाल ने प्रथम, कक्षा 12 के छात्र अफजल इकबाल ने द्वितीय तथा मोहम्मद अयान खान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का समापन फिजियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद असलम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर मनोरोग विभाग ने जेएनएमसी अस्पताल के ओपीडी-8 स्थित एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) में उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की भी जानकारी दी। यहां शराब, तंबाकू, ओपिओइड तथा व्यवहार संबंधी व्यसनों से प्रभावित लोगों के लिए निःशुल्क परामर्श, काउंसिलिंग, दवाएं, डिटॉक्सिफिकेशन, पुनर्वास और पुनः नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
