प्रधानमंत्री ने कृषि और फसलों को मानव जीवन का आधार बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नई दिल्ली (सविता) : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने   एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें यह दर्शाया गया है कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूलभूत आधार भी है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:

“कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।

ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।
कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥

#12YearsOfKisanSamriddhi”

खेती और फसल ही मानव जीवन के आधार हैं। जो इस सत्य को समझता है, वही कृषि कार्य को सही ढंग से करता है और उसी के माध्यम से समाज का भरण-पोषण होता है।

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