एएमयू में स्तनपान सप्ताह पर सेमिनारः दवा सुरक्षा और सहायक प्रणाली पर जोर

नई दिल्ली : विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा फार्माकोविजिलैंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर के सहयोग से ‘स्तनपान को प्राथमिकता देंरू टिकाऊ सहयोग प्रणाली बनाएं’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
मुख्य प्रस्तुति फाइनल ईयर की रेजिडेंट डॉ. प्रज्ञा हांगमा सुब्बा ने दी। उन्होंने ‘स्तनपान के दौरान दवाओं का सुरक्षित उपयोग’ पर बोलते हुए बताया कि किस प्रकार कुछ दवाएं स्तन के दूध में स्थानांतरित होती हैं और उनके असर क्या हो सकते हैं। उन्होंने एफडीए की नई लेबलिंग प्रणाली की भी चर्चा की, जो अब पारंपरिक जोखिम श्रेणियों की बजाय साक्ष्य आधारित मार्गदर्शन प्रदान करती है।
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सेमिनार की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. सैयद जियाउर रहमान ने स्वागत भाषण दिया और स्तनपान को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता बताया। उन्होंने बताया कि कैसे डब्लूएचओ और यूनिसेफ जैसे संगठनों ने स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक प्रयास किए हैं।
सेमीनार में स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए दवा की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और चिकित्सकों की जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया।
डॉ. प्रज्ञा को विभाग की ओर से डॉ. जमील अहमद ने प्रशंसा पत्र प्रदान किया।
इस कार्यक्रम में फार्माकोलॉजी विभाग के शिक्षक, रेजिडेंट और डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के स्नातक छात्रों ने भाग लिया।
