एएमयू की उर्दू अकादमी द्वारा मुशायरे का आयोजन

नई दिल्ली : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की उर्दू अकादमी द्वारा राष्ट्रीय एकता को समर्पित एक मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी के निदेशक प्रो. कमरुल हुदा फरीदी ने की, जबकि प्रो. गजनफर अली और प्रो. महताब हैदर नक़वी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. फरीदी ने कहा कि उर्दू शायरी ने हमेशा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह शायरी स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने और भारत की सांप्रदायिक सद्भाव और सहिष्णुता की परंपरा को मजबूत करने में भी सक्रिय रही है।
प्रो. गजनफर अली ने कहा कि उर्दू एक साझी तहजीब की भाषा है और इसने देश के निर्माण और विकास में अमूल्य योगदान दिया है।
मुशायरे की शुरुआत डा इरफान अहमद की नातिया कविता से हुई, और इसमें प्रोफेसर गजनफर अली, प्रोफेसर महताब हैदर नक़वी, प्रोफेसर सिराज अजमली, नसीम नूरी, जॉनी फॉस्टर, डॉ. मोहम्मद अबू स्वालेह, मेराज निशात, डा मुश्ताक सदाफ, सद्दाम हुसैन, अरीब उस्मानी और अन्य शायरों ने अपने कलाम पेश किए।
इस अवसर पर डा जमील अख्तर, डा अबू बकर सिद्दीकी, शेख दानिश, फरहीन बेगम, डा अफसाना, डॉ. मारूफ, सबा, निगहत, हिना तबस्सुम, सामिया आबेदीन और डा अफजल भी मौजूद रहे।
